जब राज्यसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- मेरा मुंह मत खुलवाओ वरना…

ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज बुधवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में वित्त विधेयक (Finance bill) पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जैसे ही 15- 15 लाख की बात उठाई तो मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कांग्रेस (Congress) समेत विपक्षी दलों को जमकर लताड़ लगाई। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरा मुंह मत खुलवाना, 15 लाख रुपये की बात करेंगे तो मैं महाराष्ट्र (Maharashtra) की बात करूंगा।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया इतने पर ही नहीं रुके और आगे कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में जो रिपोर्ट आ रही है आपकी सरकार की, नहीं तो मैं शुरु हो जाउंगा की 100 करोड़ रुपया गृह मंत्री (Maharashtra Home Minister) द्वारा लिया जा रहा है।  पब और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ की वसूली हो रही थी, वो भी गृह मंत्री द्वारा। पहले 100 करोड़ रुपये का हिसाब दें। ये तो सिर्फ मुंबई शहर का है। वही कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो G-23 के लोगों की पीड़ा नही समझ सकते है, वो देश की जनता का दर्द कैसे समझेंगे।

सिंधिया ने कहा कि आज वैक्सीन (Vaccine) के वैश्विक उत्पादन में से 60% उत्पादन भारत में किया जा रहा है। 72 देशों को वैक्सीन निर्यात कर भारत (India) एक स्वास्थ्य सेतु के रूप में विश्व की सेवा में जुटा हुआ है। मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने इस वैश्विक महामारी के बावजूद ना केवल रिफार्मर्स की झड़ी लगाई बल्कि जरूरतमंदों की भी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीधा उनकी जेब तक पैसा पहुंचाया। संसाधन में जरूर कुछ कमी रह गई हो लेकिन हमारी सरकार ने संबल देने में कोई कमी नहीं रखी।

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वही मोदी सरकार को लेकर सिंधिया ने आगे अपनी बात रखनी चाही तो विपक्षी दल ने रोक टोक की, जिस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।कोरोना संकट का असर सभी लोगों पर असर पड़ा है लेकिन कांग्रेस का काम सिर्फ विरोध करना है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि विपक्ष द्वारा दी गई शब्दावली मोदी टैक्स का सही मतलब आयकर में 1% भी नहीं बढ़ाया गया, 75 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स के बोझ मुक्त कर दिया गया, स्टार्टअप के लिए 1 साल की रियायत दी गई- आमजन के लिए ये है मोदी टैक्स।विनिवेश देश बेचने की नहीं देश बढ़ाने और बनाने की नीति है! विनिवेश करने से सामाजिक और भौतिक अधोसंरचना, मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में वृद्धि होगी।