निर्मल वर्मा : भाषा के जादूगर, हिंदी साहित्य के समादृत साहित्यकार और चिंतक को जन्मदिन मुबारक

Nirmal Verma Birthday : निर्मल वर्मा को याद करना भाषा के जादू को याद करना है। हिंदी के आधुनिक और मूर्धन्य कथाकार की लेखनी ने कितने नए मुहावरे गढ़ें हैं। उनकी भाषा के सौंदर्य से मन बिंध जाता है। नई कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर निर्मल वर्मा का आज जन्मदिन है और इस मौके पर साहित्य समाज एक बार फिर उन्हें बेहद प्यार से याद कर रहा है।

कवि-कलाकार सौरभ अनंत की कलम से

‘एक ग़लत मोड़ लेते ही हमें दुनिया के ऐसे हिस्से दिखाई देते हैं, जो सही और सीधे रास्ते पर कभी दिखाई नहीं देते..! ~ निर्मल वर्मा’

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श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।