जानें क्यों मनाया जाता है World Heritage Day? क्या है इसके पीछे का इतिहास, UNESCO की सूची में मध्य प्रदेश के 11 धरोहर

World Heritage Day 2024 : आज पूरी दुनिया विश्व विरासत दिवस मना रही है लोगों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के महत्व को बताने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। आइए जानते है इस दिन को मनाने के पीछे का इतिहास साथ ही मध्य प्रदेश के वो 11 विरासत जो यूनेस्को की सूची में शामिल है।

Saumya Srivastava
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World Heritage Day 2024 : पूरी दुनिया 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाती है। लोगों को उनके ऐतिहासिक इमारतों, संस्कृति, धरोहरों और सांस्कृतिक स्थलों के महत्व को बताने के लिए ही इस दिन को मनाने की शुरूआत की गई। लोगों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण धरोहरों के संरक्षण के लिए सतर्क एवं जागरूक होने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। मध्य प्रदेश के वो 11 ऐसी विरासत है जो यूनेस्को की सूची में शामिल है।

विश्व विरासत दिवस को मनाने के पीछे का इतिहास

साल 1968 में दुनिया भर की चर्चित इमारतों और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण के लिये एक प्रस्ताव लाया गया इस प्रस्ताव को एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने पेश किया। जिसे स्टॉकहोम में एक इंटरनेशनल समिट में पास कर दिया गया जिसके बाद यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर की स्थापना की गई। पहली बार साल 1982 में विश्व विरासत दिवस को मनाने का एक प्रस्ताव रखा गया। साल 1983 में इस दिन को मनाने के लिए आधिकारिक मान्यता दे दी गई और तब से लेकर आज तक ये दिन मनाया जाता है।

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