Planting Tips: गर्मियों की तपिश से बचाएं पुदीने का पौधा, अपनाएं ये आसान टिप्स

Planting Tips: गर्मियों का मौसम पुदीने के पौधे के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि तेज धूप और गर्मी से पौधा सूख सकता है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी से आप अपने पुदीने के पौधे को हरा-भरा और फलता-फूलता रख सकते हैं।

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Planting Tips: घर में पेड़-पौधे लगाने का शुभ अवसर सभी को होता है, अपनी इससे शौक के चलते न सिर्फ लोग घर में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे लगाते हैं बल्कि कई प्रकार की सब्जियां भी उगते हैं। अब गर्मियों का मौसम चल रहा है ऐसे में पुदीने का सेवन अक्सर लोग करते हैं। पुदीना एक लोकप्रिय जड़ी-बूटी है जो अपनी सुगंध और स्वाद के लिए जानी जाती है। यह न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों में इस्तेमाल होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। पुदीने के पौधे को गमले में या बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि अक्सर गर्मी के मौसम में पेड़ पौधों की डबल देखभाल करनी पड़ती है क्योंकि तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण पौधों की नमी छिन जाती है और पौधे मुरझा जाते हैं, आज हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से पुदीने का पौधा ना सिर्फ गर्मी में हरा भरा रहेगा बल्कि साल भर हरा भरा रहेगा, तो चलिए जानते हैं को पुदीने के पौधे की देखभाल कैसे की जाती है।

किस मौसम मे लगाना चाहिए पुदीने का पौधा

पुदीना एक बहुमुखी जड़ी-बूटी है जिसे आप किसी भी मौसम में गमले में उगा सकते हैं। यह स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है, और इसका उपयोग चाय, सलाद और विभिन्न व्यंजनों में किया जा सकता है। हालांकि, पुदीने को गमले में उगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। पुदीना उगाने का सबसे अच्छा समय बसंत ऋतु होता है। इस मौसम में तापमान मध्यम होता है और धूप भी भरपूर होती है, जो पुदीने की वृद्धि के लिए अनुकूल होता है। पुदीने के कई अलग-अलग प्रकार होते हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशेषताएं होती हैं। कुछ लोकप्रिय किस्मों में पिपरमिंट, स्पीयरमिंट, चॉकलेट मिंट और ऐप्पल मिंट शामिल हैं।

कैसे करें देखभाल

पुदीने को धूप या हल्की छाया की आवश्यकता होती है। यह गीली, अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में पनपता है। पुदीने को नियमित रूप से पानी देना ज़रूरी है, लेकिन अधिक पानी देने से बचें।मिट्टी को सूखने दें और फिर पानी दें। हर 2-3 सप्ताह में हल्की जैविक खाद डालें। गोबर की खाद या कम्पोस्ट का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से पुदीने की पत्तियों को काटते रहें। इससे नई वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा। सूखी और मुरझाई हुई पत्तियों को हटा दें। पुदीने के पौधे आमतौर पर कीटों और रोगों से ग्रस्त नहीं होते हैं। यदि आप किसी समस्या का सामना करते हैं, तो नीम का तेल या लहसुन का अर्क का उपयोग करें।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं।मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।