Planting Tips: पौधे में लगे कीटों-कीड़ों से छुटकारा दिलाएगा ये नुस्खा, छाछ की मदद से तैयार करें खाद

Planting Tips: गर्मी के मौसम में पौधों को पोषण देने के लिए रासायनिक उर्वरकों के बजाय छाछ और मसालों से बनी प्राकृतिक खाद का उपयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। यह खाद न केवल पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है और पौधों को रोगों से बचाने में भी मदद करती है।

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Planting Tips: गार्डनिंग का शौक बढ़ रहा है, और लोग अपने घरों में पेड़-पौधे लगाकर प्रकृति से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। लेकिन, कीटों से बचाव और पौधों की ग्रोथ के लिए कई लोग केमिकल पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करते हैं, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।

कैसे बनाएं छाछ की खाद

सामग्री:

1 कप छाछ
1 कप नारियल पानी
1 बड़ा चम्मच हल्दी
1/2 छोटा चम्मच हींग
1 लीटर पानी

विधि:

एक बड़े बर्तन में छाछ, नारियल पानी, हल्दी और हींग को अच्छी तरह मिला लें।
मिश्रण को 5-6 घंटे के लिए धूप में रखकर फर्मेंट होने दें।
फर्मेंटेशन के बाद, 1 लीटर पानी में इस मिश्रण को अच्छी तरह घोल लें।
तैयार खाद को पौधों की जड़ों में डालें या पौधों पर स्प्रे करें।

इस खाद के फायदे

छाछ में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। ये पोषक तत्व पौधों की वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।छाछ मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देती है, जो मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार करते हैं। छाछ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पौधों को रोगों से बचाने में मदद करते हैं। छाछ कुछ हानिकारक कीटों को दूर रखने में भी मददगार होती है। छाछ मिट्टी में खरपतवारों के विकास को रोकने में मदद कर सकती है। छाछ से बनी खाद पौधों की जड़ों को मजबूत बनाती है और उनकी वृद्धि को बढ़ावा देती है। छाछ का उपयोग फूलों और फलों वाले पौधों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह पौधों को अधिक फूल और फल देने में मदद करता है। छाछ से बनी खाद पूरी तरह से प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल होती है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं।मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।