मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों की खैर नहीं, होगी उम्रकैद, शिवराज सरकार जल्द लाएगी कानून

'मिलावटखोरी से बड़ा कोई अपराध नहीं है, ये सीधे लोगों की ज़िन्दगियों से जुड़ा मसला है।'

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिवराज सरकार (shivraj government) मिलावटखोरों को सबक सिखाने के लिए जल्द ही कानून में संशोधन करेगी। इस कानून के अनुसार मिलावटखोरों (adulterers) को उम्रकैद(life imprisonment) की सज़ा देने का प्रावधान किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को पारित भी करवा लिया है। इस सिलसिले में जल्द ही शिवराज सरकार संशोधन विधेयक (amendment bill) लेकर आएगी।

राज्य में बढ़ते मिलावटखोरी के धंधे को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार (state government) ने ये फैसला लिया है। कैबिनेट में पारित हो चुके इस संशोधन को जल्द ही विधानसभा (vidhansabha) में पारित करवाया जाएगा। राज्य सरकार इस पर काम कर रही है। इसके पहले मिलावटखोरी पर तीन साल की सजा का प्रावधान था। अब इसमें संशोधन कर सजा को उम्रकैद में तब्दील किया जा रहा है।

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मीडिया को कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मिलावटखोरी के बारे में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘मिलावटखोरी से बड़ा कोई अपराध नहीं है, ये सीधे लोगों की ज़िन्दगियों से जुड़ा मसला है।’

कितना कारगर होगा नया बिल :

बड़ा प्रश्न ये है कि संशोधन विधेयक के आने के बाद भी क्या उसपर अमल किया जा सकेगा? मिलावटखोरों को पकड़ने और उन्हें सजा दिलवाने के लिए लंबी योजना एवं पक्के सबूतों की आवश्यकता रहती है। इस पर नज़र रखने के लिए अधिकारियों को मुस्तैदी से तैनात रहना पड़ेगा। तभी नए कानून को पारित किए जाने का कोई फायदा मिल सकेगा।