एकता परिषद को ग्रामीणों ने बताई अपनी समस्या, कोरोना कर्फ्यू में गुजारा करना हो रहा मुश्किल

कील कोरोना अभियान को लेकर जागरूक करने मुंगावली पहुंची एकता परिषद की टीम को ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई।

अशोकनगर, अलीम डायर। प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना को लेकर जागरुक करने के लिए किल कोरोना अभियान (Kill Corona Campaign) चलाया जा रहा है। जहां अशोकनगर जिले के मुंगावली में एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रन सिंह परमार के निर्देश पर एकता परिषद के सदस्य संक्रमण से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। शुक्रवार को एकता परिषद के सीनियर कार्यकर्ता ने मुंगावली के ग्राम सरदारपुर में एकता परिषद के कार्यकर्ता चंद्रभान सिंह ग्रामीणों से बातचीत की।

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ग्रामीण कल्लू आदिवासी ने कार्यकर्ता चंद्रभान सिंह को बताया कि गांव में सर्दी, खांसी, बुखार तो नहीं है लेकिन इस महामारी में यदि इस तरह का कोरोना कर्फ्यू रहा तो हमारे समाज की अर्थव्यवस्था खराब हो जाएगी। क्योंकि रोजगार बंद होने और मजदूरी ना मिलने के कारण अनाज बेचकर सब्जी और जरूरी सामान का काम चलाना पड़ रहा है। गांव में ज्यादातर लोग मजदूरी पर निर्भर है जो की मजदूरी कहीं भी नहीं लग रही। वहीं महिंद्र आदिवासी ने कहा कि सरकार को पंचायत के अंदर ही लोगों को काम देना चाहिए। चंद्रभान सिंह ने बताया कि यह एक महामारी है जो किसी को बताकर नहीं आती इसलिए अपनी सुरक्षा अपने हाथ है।

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वहीं ग्राम बरवाह में एकता परिषद के सदस्यों ने ग्रामीणों से चर्चा कर कोरोना से बचाव के उपाय बताए। जिस पर ग्रामीणों ने कहा कि इस महामारी में हम तो अपना बचाव कर ही रहे हैं लेकिन सरकार से जो हमको राशन मिलता है, वह पूरा नहीं मिला है। पर्ची 35 किलो की है और राशन की दुकान से 15 से 20 किलो अनाज दिया गया है। इस कोरोना कर्फ्यू के चलते हम कहीं पर अपनी शिकायत भी करने को नहीं जा पा रहे हैं।