बहुजन समाज को इतना ताकतवर बनाओ, दिल्ली में तिरंगे के बगल में नीला झंडा लहराए : चंद्रशेखर आजाद

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भिंड| मेहगांव में आज आयोजित संविधान बचाओ सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद शामिल हुए|  चंद्रशेखर के अलावा बीवाईएसएफ के संस्थापक आई एस मौर्य व  आल इंडिया उलेमा बोर्ड के उपाध्यक्ष नूर उल्लाह युसूफ जई सहित संगठन से जुड़े हुए तमाम लोग आज इस सम्मेलन में शामिल हुए।  सम्मेलन में चंद्रशेखर को सुनने के लिए बड़ी संख्या में दलित जनों की भीड़ मेहगांव मंडी प्रांगण में उमड़ी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने सीधे और सपाट शब्दों में कहा कि बहुजन समाज को इतना अधिक ताकतवर बनाओ कि दिल्ली में तिरंगे के बगल में नीला झंडा भी लहराए।  उन्होंने आगे कहा कि आपको यहां से बीजेपी की जमानत जप्त करनी है और उत्तर प्रदेश में मैं देख लूंगा। चंद्रशेखर ने दलितों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि यदि दलितों को अपने सम्मान की रक्षा करनी है तो बलिदान देने पड़ेंगे। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि पहले हमें अपने बच्चों को आईएएस और आईपीएस बनाना होगा और उसके बाद में सीएम और पीएम वे यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि यदि हमारी भागीदारी सत्ता में होगी तो मनुवादी ताकते हमारे जूतों के फीते बांधने में गर्व महसूस करेंगे। उन्होंने गरीब सवर्ण आरक्षण का भी विरोध किया साथ ही पदोन्नति में आरक्षण होने की बात को लेकर भी आंदोलन करने की बात कही।

बहुजन समाज का हित प्रार्थमिकता –

सम्मेलन के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए श्री चंद्रशेखर ने बहुजन समाज के उत्थान के लिए हर काम करने की बात कही उन्होंने कहा कि भाजपा चूंकि सत्ता में है और जो सत्ता में होगा उसे सत्ता से हटाने के लिए हम काम करेंगे। उन्होंने प्रियंका गांधी से मिलने के सवाल को टाल दिया और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के विषय में कहा कि वे हम बहुजन समाज की नेता है मैं बहुजन समाज के हित के लिए ही काम करूंगा उन्हें मुझसे क्या प्रॉब्लम है यह वही जाने।

मंच पर लगाए दलित आंदोलन में मारे गए युवाओं के चित्र 

पिछले वर्ष दलित आंदोलन के दौरान मेहगांव में दो दलित युवकों की गोली लगने से मौत हुई थी, दोनों ही दलित शहीदों  प्रदीप और आकाश गर्ग के छाया चित्रमंच पर लगाए थे और उनके परिजनों का भी सम्मान भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के द्वारा किया गया साथ ही मंच पर अग्रिम पंक्ति पर दलित शहीदों के परिजनों को दिखाया गया।