श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान के कार्यालय का शुभारंभ

भिंड, गणेश भारद्वाज। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान के कार्यालय का शुभारंभ आज वैदिक मंत्रोचार के साथ धर्मपुरी स्थिति विद्या वाहिनी भवन में किया गया । इस अवसर पर संत श्री शुभेन्द्र नारायण गिरि जी महाराज (पत्ती वाले बाबा), भागवताचार्य आदित्य पुरी जी महाराज, आर्य समाज के संत राघव मुनि, भागवताचार्य हरिगोविंद शास्त्री, कुंजबिहारी बरुआ व शास्त्री बबलू कटारे मंचासीन रहे।

सर्वप्रथम मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चित्र का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन वंदन किया गया औऱ फिर संतजनों के सानिध्य में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए श्री श्री 1008 स्वामी शुभेन्द्र नारायण गिरि महाराज ने कहा कि आज हम सब का परम सौभाग्य है कि हमारे जीवन काल मे अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्यतम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण तो सरकारें और अन्य धनाढ्य लोग भी करवा सकते है किंतु देश विदेश के प्रत्येक हिन्दू की आस्था भगवान श्री राम के मंदिर से जुड़ी हुई है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का कुछ न कुछ अंश दान मंदिर निर्माण में लगना चाहिए। यह मंदिर निर्माण भगवान श्रीराम का कार्य है और इस कार्य को हमें हनुमान जी की तरह वानर सेना के रुप में एकजुट होकर पूर्ण करना है।

भागवताचार्य श्री आदित्य पुरी महाराज ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण का यह अभियान संपूर्ण हिंदू समाज के कायाकल्प का एक सचेत प्रयास है। निश्चित रूप से दुनिया के इतिहास में यह सबसे बड़ा अभियान होगा राम मंदिर निर्माण के सामाजिक धार्मिक कारणों से और रामराज्य की ओर अग्रसर होते हुए गावों, परिवारों और लोगों की सबसे बड़ी संख्या तक पहुंचने के लिए राम मंदिर निर्माण एक अभियान है। निधि समर्पण अभियान के सह संयोजक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि आज से प्रारंभ होकर यह ऐतिहासिक निधि समर्पण अभियान 14 फरवरी 2021 तक चलाया जावेगा। इसके अंतर्गत 20 हजार रुपये तक की निधि कूफन के माध्यम से और बडी निधियां चैक के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।

इस अवसर नवल सिंह भदौरिया, सुनील अग्रवाल, कविंद्र चौधरी, जगदीश दीक्षित, मनीष ओझा, रमेश दुबे, राजकुमार बाजपेई, गजेंद्र सिंह कुशवाह, देवेंद्र ऋषि स्वर, विनोद दीक्षित, गणेश भारद्वज, रविंद्र मुद्गल, विजय सिंह भदौरिया, रामकुमार भदौरिया, आशीष जैन संतोष शर्मा, रामानंद शर्मा, बालकृष्ण पचोरी, रमेश बंसल, अशोक सोनी, कैलाश रीतोरिया, रविंद्र समाधिया पीयूष भारद्वाज, राहुल भारद्वाज,अशोक राजपूत, प्रतिमा शर्मा मिथिलेश तोमर, कल्पना सोनी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।