रेत कम्पनी के मालिक, संचालको और ठेकेदार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके गिरफ्तार किया जाये : डॉ रमेश दुबे

सिंध नदी को नष्ट करने में लगे असली अपराधी रेत कम्पनी के लोग है वो पकड़े जाए, तभी रुक सकेगा रेत खनन।

भिंड, सचिन शर्मा। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य डॉ रमेश दुबे (dr ramesh dubey) ने कहा है की जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र के परराईच में सिंध नदी की रेत खदान पर रेत कम्पनी के मालिक और संचालको ने स्थानीय ठेकेदार के साथ मिलकर चोरी से रेत का अवैध उत्खनन करवाने का काम किया है उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों में व्यस्त रहने के कारण मौके का फायदा लेकर चोरी से रेत निकलवाया है। अतः रेत कम्पनी के सभी लोगो के खिलाफ अवैध रेत खनन और लोगो की जान संकट में डालने के सम्बंध में एफआई आर दर्ज की जाए।

विगत 20 जुलाई की रात सिन्ध नदीं में अचानक आई बाढ़ में 2 दर्जन से अधिक ट्रक जो रेत से भरे थे वह फंस गए, परिणामस्वरूप जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने 21 जून को दिन में उन ट्रकों की जप्ती की भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ रमेश दुबे ने जिलाधीश और जिला पुलिस अधीक्षक की इस कार्यवाही की सराहना करके उन्हें धन्यवाद दिया है। साथ ही डॉ दुबे ने यह भी स्पष्ट किया है कि 29 जून को कलेक्टर महोदय ने पत्र क्रमांक 5771// खनिज //2022 द्वारा आदेश जारी करके 30 जून की मध्य रात्रि 12 बजे से लेकर 30 सितम्बर की मध्य रात्रि 12 बजे तक मानसून के चलते जिले भर की सभी नदियों से रेत खनन प्रतिबंधित कर दिया था, जिसकी सूचना पत्र क्रमांक 57721 / खनिज / / 2022 द्वारा प्रमुख सचिव से थाना प्रभारियों और रेल कम्पनी के मालिक राघवेंद्र सिंह को भी दी गई थी, इसके बावजूद भी रेत कम्पनी के मालिक और संचालको ने ट्रक चालकों की जान खतरे में डलवाई और रेत उत्खनन करवाया और उस रेत को भरने ट्रकों को बुलवाया। ट्रक चालकों और ट्रक मालिकों के साथ साथ रेत कम्पनी के लोग इस अवैध कृत्य के जिम्मेदार होकर अपराधी है। । इनके खिलाफ एफ आई आर करके इन्हें गिरफ्तार किया जाए। तभी मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की मन्शा केअनुरूप अवैध रेत के खनन पर रोक लग पाएगी और जिले की नदियों का पर्यावरण सुरक्षित रह पाएगा।

रेत कम्पनी के मालिक, संचालको और ठेकेदार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके गिरफ्तार किया जाये : डॉ रमेश दुबे

डॉ रमेश दुबे ने आगे कहा है कि जिलाधीश के निर्देश पर सरकार की मन्शा के अनुरूप पुलिस प्रशासन ने 21जून को सिंध नदी में रेत खनन के लिए फंसे सभी ट्रकों को जप्त कर दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी तौर पर कड़ी कार्यवाही की है, जिसके लिए जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक और अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी गणों को मैं धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने जिला प्रशासन को आगाह करते हुए आगे कहा है कि केवल ट्रकों को जस करने भर से मध्यप्रदेश सरकार की खनिज सम्पदा और पर्यावरण की सुरक्षा नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा है कि सरकार की मंशा है कि नियम के अनुसार कार्य हो और पर्यावरण के हित में जब भी रेत खनन रोका जाये, तो फिर वह पूरी तरह रुके।

लेकिन भिण्ड जिले की जीवन रेखा सिंध नदी को रेत खनन कम्पनी के मालिक राघवेन्द्र सिंह पुत्र मेघराज सिंह निवासी सी-28 उर्मिला मार्ग हनुमान नगर, वैशाली नगर जयपुर राजस्थान और इनकी कम्पनी के संचालक गणपत सिंह सिकरवार निवासी बाडी राजस्थान और दिनेश सिंह | सिकरवार निवासी श्याम विहार कॉलोनी मुरैना मध्यप्रदेश ने अवैध रेत उत्खनन करके शासन की मन्शा का विरोध किया हैं और मानसून में खनन पर रोक लग जाने पर भी लोगों की जान संकट में डालकर रेत खनन करवाया है और ट्रकों को भरवाने का काम किया है ऐसे मैं अवैध रेत खनन के उक्त सभी असली अपराधियो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए इनके खिलाफ एफ आई आर कर अपराध दर्ज किया जाए और इनकी गिरफ्तारी हो तभी रेत के अवैध खनन पर रोक लग पाएगी।

स्थानीय स्तर पर लहार की पर्रयांच खदान संचालक की गिरफ्तारी की मांग की डॉ दुबे ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से आंशका व्यक्त की है, अगर कम्पनी के लोगो के कम खिलाफ कड़ी कार्यवाही नही हुई तो ये रेत का अवैध उत्खनन नही रुकेगा परिणामस्वरूप भिण्ड जिले की जीवन रेखा सिंध नदी और उसके किनारे के गांवों में रह रही जनता और जलीय जीवो के जीवन को गम्भीर खतरा बना रहेगा। उन्होंने जिलाधीश और जिला पुलिस अधीक्षक से अविलम्ब कम्पनी के मालिक और जनरल मैनेजरों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करके उन्हें गिरफ्तार करने का आग्रह किया है।