उपचुनाव में ‘कर्जमाफी’ के मुद्दे पर टकराएगी भाजपा-कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस (Congress) का कर्जमाफी का वादा एक बार फिर चुनावी मुद्दा बन गया है| विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-Election) में किसानों (Farmers) के कर्ज को लेकर टक्कर देखने को मिलेगी| भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस मुद्दे को अपने अपने हिसाब से भुनाने को तैयार है|

कांग्रेस का कहना है कि उनकी सरकार ने किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये हैं, और दो चरणों में ज्यादातर किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला| वहीं भाजपा अधूरी कर्जमाफी को मुद्दा बना रही है, साथ ही कर्जमाफी योजना में भ्रष्टाचार का भी दावा किया जा रहा है| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को जेल भेजने तक की चेतावनी दी जा रही है| कर्ज माफ़ न होने के मुद्दे को गर्म कर भाजपा किसानों के बीच कांग्रेस विरोधी माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है | राज्य में करीब 41 लाख किसान कर्जमाफी की सूची में शामिल किए गए थे। जिन 24 क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, अब वहां यह मामला गूंजने लगा है। चुनावी तैयारियों के तहत भाजपा किसान मोर्चा से लेकर मुख्य संगठन की इकाइयां किसानों से संपर्क साध रही हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में किसानों के दो लाख रुपये तक कर्ज माफ करने का वादा कर सत्ता हासिल की थी, लेकिन यह वादा पूरा न हो सका और कांग्रेस सत्ता से बेदखल हो गई। कमलनाथ सरकार के दौरान भी कर्जमाफी को लेकर भाजपा आक्रामक रही और अब उपचुनाव में फिर इसी मुद्दे को भुनाते हुए भाजपा मैदान में उतरेगी|