खराब सड़क की वजह से हादसा हुआ तो निर्माण एजेंसी पर एक लाख का जुर्माना

भोपाल।  प्रदेश में सड़क हादसों से सरकार बेहद चिंतित है। ज्यादातद हादसे खराब सड़क की वजह से होते हैं। यही वजह है कि अब सरकार निर्माण एजेंसियों पर शिकंजा कसने जा रही है। अगर अब खराब सड़क के कारण रोड एक्सीडेंट  हुआ तो निर्माण एजेंसी की खैर नहीं। सड़क बनाने वाली कंपनी और संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा। कमलनाथ सरकार ने एक लाख का जुर्माना तय कर दिया है। मध्य प्रदेश में 18 महीने में साढ़े 18 हजार लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।

मप्र में सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ चिंजाजनक है। इसे रोकने के लिए कमलनाथ सरकार ने इन हादसों के लिए जिम्मेदारी तय कर दी है। हाल ही में राज्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि हादसों के लिए जिम्मेदारी तय होना चाहिए। सरकार ने उस सुझाव पर अमल करते हुए सड़क बनाने वाली कंपनी और विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना तय कर दिया। गृह विभाग ने मीटिंग के फैसले को हरी झंडी दे दी। विभाग से मिले दिशा निर्देशों के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी एसपी, डीआईजी और कलेक्टर को पत्र लिखा है।  इसमें कहा गया है कि अगर खऱाब सड़क की वजह से हादसा होता है तो कर सड़क निर्माण, रखरखाव, रोड डिजाइन में कमी जाए जाने पर संबंधित विभाग और एजेंसियों पर एक लाख रुपए का जुर्माना वसूला जाए।

सड़क हादसों में हर महीने एक हजार मौत

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क हादसों में मौत के मामले में मध्यप्रदेश का चौथा नंबर है. उससे आगे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु हैं। मध्य प्रदेश में 18 महीनों में साढ़े 18 हज़ार लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई। यानी सड़क हादसों में हर महीने एक हजार लोगों की जिंदगी जा रही है। रोड एक्सीडेंट के 12 प्रमुख कारण बताए गए हैं।  इनमें खराब सड़क, स्पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाना, मोबाइल पर बात करना सबसे बड़ा कारण हैं। 29 फीसदी मौतें हेलमेट नहीं पहनने के कारण हुईं। रिपोर्ट के अनुसार देश में 4 लाख 67 हजार 44 सड़क हादसों में कुल 1 लाख 51 हजार 417 लोगों की मौतें हुई है। 2018 के दौरान कुल 11 हजार 450 लोगों की मौत हुई, जबकि इस साल जून तक साढ़े छह हजार लोगों की मौतें हो चुकी है। इस तरह डेढ़ साल में 18 हजार लोग रोड एक्सीडेंट में जान गंवा चुके हैं। मरने वालों में सबसे ज्यादा टू व्हिलर के साथ पैदल यात्री हैं।

2019 के ताजा आंकड़े

2017 की तुलना में पिछले साल एक हजार से अधिक लोग हादसों के शिकार हुए. लेकिन मौजूदा आंकड़े से पता चल रहा है कि स्थिति सुधरने की बजाए बिगड़ती जा रही है। तेज रफ्तार और गलत दिशा में गाड़ी चलाने के कारण सबसे ज्यादा जानलेवा हादसे हो रहे हैं। मरने वालों में सबसे ज्यादा युवा हैं।