अल्टीमेटम के बावजूद BJP नेताओं ने खाली नही किए बंगले, अब सरकार ने भेजा नोटिस

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भोपाल।

अल्टीमेटम के बावजूद अब तक कई मंत्रियों-विधायकों ने बंगले खाली नही किया है। मंत्रियों को आवंटित बंगलों पर पूर्व मंत्री और बीजेपी नेताओं ने अब तक कब्जा जमाकर रखा है। जिसके कारण नई सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों को बंगले नही मिल पाए है। कमलनाख सरकार ने इस मामले में गंभीरता दिखाई है और सभी को नोटिस जारी कर बंगले खाली करने के निर्देश दिए है।

         दरअसल बीते दिनों कमलनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद विधानसभा सचिवालय द्वारा हारे हुए 119 विधायकों को बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके लिए उन्हें तीन दिन का अल्टीमेटम भी मिला था, लेकिन बावजूद इसके बंगले खाली नही किए गए है, जिसके कारण अब तक कई मंत्रियों-विधायकों को बंगले नही मिल पाए है। बंगलों पर अब भी कई बीजेपी नेताओं ने कब्जा जमा रखा है। हालात ये हैं कि कमलनाथ सरकार के मंत्री कहीं विधायक विश्राम गृह से काम चला रहे हैं तो कहीं अपने पुराने और छोटे सरकारी आवास में अफसरों के साथ बैठक कर रहे हैं।

        गृह विभाग के अफसरों ने इन बंगलों पर नोटिस भी भेज दिए है। हालत ये है कि कुछ नेता वक्त मांग रहे हैं तो कुछ जवाब देना भी ठीक नहीं समझ रहे। अब ऐसे नोटिस की तैयारी है, जिसके बाद भी बंगला नहीं खाली किया गया तो 10 गुना ज्यादा किराया वसूला जाएगा। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन का कहना है कि ‘बंगले को खाली करने के नोटिस नियमानुसार भेजे जा चुके हैं, जो जिस स्तर का बंगला डिजर्व करता है उसे वैसा बंगला आवंटित किया जा चुका है। सरकार के बंगला आवंटन और आवंटन रद्द करने के अपने नियम हैं, उस नियम के अनुसार कार्यवाही होगी। अगर किसी ने वक्त पर बंगला खाली नहीं किया तो उसके आगे की कार्यवाही की जाएगी।

43 पूर्व विधायकों को पहले ही दिया जा चुका था नोटिस 

बताते चले कि इसके पहले टिकट कटने पर 43 विधायकों को नोटिस दिया गया था। इनमें मेहरबान सिंह रावत,सत्यपाल सिंह सिकरवार, मुकेश चतुर्वेदी, प्रदीप अग्रवाल, घनश्याम पिनोरिया, शकुंतला खटीक, पन्नालाल शाक्य, पारुल साहू, केके श्रीवास्तव, अनिता नायक , आरडी प्रजापति, उमादेवी खटीक, मेहन्द्र सिंह, रमाकान्त तिवारी, राजेन्द्र मेश्राम, प्रमिला सिंह, मनोज कुमार अग्रवाल, मोती कश्यप, पंडित सिंह धुर्वे, कमल मर्सकोले, गोविंद सिंह पटेल, नाथनशाह कवरेती, जतन उइके, चंद्रशेखर देशमुख, चेतराम मानेकर, गोवर्धन उपध्य्याय, मंगल सिंह धुर्वे, कल्याण सिंह ठाकुर, गोपाल परमार, जसवंत सिंह हाड़ा, चंपालाल देवड़ा, लोकेंद्र सिंह तोमर, वेलसिंह भूरिया ,कालू सिंह ठाकुर के नाम शामिल है।हालांकि इसमें से आधों ने बंगले खाली कर दिए है और कुछ अब भी ऐसे है जो बंगला खाली करने में आनाकानी कर रहे है।