भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। खंडवा के जिला जनसंपर्क अधिकारी बृजेंद्र शर्मा को पहले कलेक्टर द्वारा हटाने और फिर कमिश्नर द्वारा निलंबित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर जहां जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ताल ठोंककर मैदान में हैं, वहीं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अतिरिक्त संचालक रहे आला अधिकारी ने इस पूरे मामले पर ट्वीट किया है।

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खंडवा के जिला जनसंपर्क अधिकारी बृजेंद्र शर्मा को कलेक्टर अनय द्विवेदी द्वारा एक तरफा हटाकर वापस भोपाल भेजे जाने का मामला तूल पकड़ गया है। दरअसल जनसंपर्क विभाग मुख्यमंत्री के पास है और पदस्थापना केवल संचालनालय के माध्यम से ही हो सकती है। इसीलिए कलेक्टर की इस कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े हुए क्योंकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार ही नहीं था। मामला चूकि कलेक्टर से जुड़ा था तो फिर कमिश्नर को सामने आना पड़ा और संभाग आयुक्त इंदौर डॉक्टर पवन शर्मा ने बृजेंद्र शर्मा पर काम न करने का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। अब इस पूरे मामले पर जनसंपर्क विभाग में अतिरिक्त संचालक रहे और अपने समय के जाने-माने लोकप्रिय अधिकारी लाजपत आहूजा ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि “वह कलेक्टर नासमझ हैं जो यह समझते हैं कि जिलों में जनसंपर्क अधिकारी मीडिया को दबाने के लिए शासन द्वारा पोस्ट किए जाते हैं।” आहूजा का साफ इशारा कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर है जिस पर स्थानीय मीडिया लगातार कवरेज करती रही है और कलेक्टर इसके लिए जनसंपर्क अधिकारी को दोषी मानते रहे हैं कि आखिरकार निगेटिव खबरें छप क्यो रही हैं। आहूजा अपने कार्यकाल में अपनी मेहनत और कुशल कार्यप्रणाली के कारण सरकार और पत्रकारों के बीच में एक कुशल समन्वयक रहे हैं और जाहिर तौर पर उनका यह ट्वीट यह बताता है कि अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव की कितनी सख्त आवश्यकता है। वहीं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी -कर्मचारी भी कलेक्टर के इस आदेश के खिलाफ हड़ताल पर जाने का मन बना रहे हैं।