सीएम कमलनाथ ने बदला ये नियम, बोले-‘जो जरुरी हो वही करे’

भोपाल।
प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों का नियम बदल दिया है। नए नियम के अनुसार, प्रभारी मंत्री प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का तबादला कर सकेंगें।तबादलों के लिए अब मुख्यमंत्री समन्वय की मंजूरी जरूरी नहीं होगी।वर्तमान में प्रदेश में 63 हजार से अधिक नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।

दरअसल, गुरुवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों के मामले अब सीएम समन्वय में नहीं आएंगे, जिले के अंदर होने वाले तबादलों के लिए मंत्रियों को अधिकार दिया गया है।अभी तक एक चपरासी के तबादले के लिए मुख्यमंत्री के पास जाना पड़ता था।

बताया जा रहा है कि बीते दिनों कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने चपरासी के तबादले की फाइल लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने पहुंचे थे। यह बात मुख्यमंत्री को पसंद नही आई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस नियम को ही बदलने का फैसला किया और गुरुवार को हुई कैबिनेट में इस पर मोहर लगा दी।हालांकि बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि जहां जरूरी हों, वहीं तबादले करें। नियमित 63 हजार कर्मचारियों में दैवेभो समेत अन्य वर्ग के कर्मी शामिल नहीं हैं।

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