अब जिलेवार किसानों का कर्ज माफ करेगी सरकार, प्रक्रिया शुरु

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भोपाल। प्रदेश की कमलनाथ सरकार की नजर अब नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव पर है।  इसके के चलते प्रदेश में एक बार फिर कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरु कर दी है।हालांकि इस बार नियमों में कुछ बदलाव किया गया है। एक साथ कर्जमाफी ना करके सरकार ने जिलों के हिसाब से किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया है।  इसी के चलते सबसे पहले कर्जमाफी की प्रक्रिया झाबुआ से की गई है। इसके बाद अन्य जिलों में यह प्रक्रिया की जाएगी। बता दे कि सरकार का दावा है कि अबतक प्रदेश के 22  लाख किसानों का कर्जा माफ हो चुका है। 

प्रदेश में लगभग पचास लाख किसानों का कर्ज माफ होना है। दूसरे चरण में एक लाख रुपए तक नियमित कृषि ऋ ण को कर्ज माफी योजना में लिया गया है।इससे पहले प्रथम चरण में पचास हजार रुपए तक के नियमित कर्ज और दो लाख रुपए तक कालातीत कर्ज को शामिल किया गया था।दूसरे चरण में एक लाख रुपए तक नियमित कर्ज माफ किया जाएगा। इसके साथ ही उन कालातीत कर्ज की भी माफी होगी, जिनमें विवाद थे।  प्राथमिकता में सहकारी बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और फिर वाणिज्यिक बैकों को रखा गया है। 

सरकार के इस फैसले के बाद किसानों में खुशी की लहर है। सुत्रों की माने बजट से पहले इस प्रक्रिया को शुरु कर सरकार बड़ा दांव खेलना चाहती है। सरकार को डर है कि कही सत्र के दौरान विपक्ष कर्जनाफी को लेकर हंगामा ना करे इसलिए पहले से ही प्रक्रिया शुरु कर अपने पक्ष को मजबूत करने में जुटी है, ताकी सदन में दिखा सके कि सरकार ने अबतक प्रदेश के कितने किसानों का कर्जा माफ किया है। 

कर्जमाफी के साथ मिलेंगें नो-ड्यूज

बता दे कि हाल ही में कमलनाथ झाबुआ जिले में दौरे के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने एलान करते हुए कहा था कि किसानों का कर्जा माफ़ होगा कर्जमाफी का मतलब सिर्फ प्रमाण पत्र ही नहीं, अगले महीने तक बैंक से नो ड्यूज भी मिल जाएगा। मैं घोषणा नहीं करता, जनता के सपने को साकार करने में विश्वास रखता हूँ।खबर है कि सीएम के निर्देश के बाद सहकारिता विभाग बैंकों से साफ कह दिया है कि नो-ड्यूज प्रमाणपत्र को लेकर कर्ज वितरित करने में कोई अड़ंगा न लगाया जाए।