जेपी में अब कम वजन के नवजातों के साथ मां भी रुक सकेंगीं

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भोपाल। 

राजधानी स्थित जय प्रकाश चिकित्सालय (जे.पी.अस्पताल) में नवजात शिशुओं के साथ-साथ उनकी जन्म देने वाली मां को भी रखने के इंतजामात किए जा रहें हैं। जेपी अस्पताल मेंऐसे बीमार नवजात शिशु जिन्हे कोई गंभीर बिमारी नहीं है लेकिन भर्ती करने की आवस्यकता है उन्हें उनकी मां के साथ यहां भर्ती करने के लिए एक विशेष यूनिट हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) तैयार की जा रही है। यह यूनिट 10 बेड की होगी। यूनिट बनाने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के इंजीनियरों की टीम द्वारा मंगलवार को अस्पताल का मुआयना कर लिया गया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में एसएनसीयू के पास बने पीडियाट्रिक इंसेटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) की जगह नवजातों के लिए एचडीयू को बनाने का प्लान है। एसएनसीयू में करीब 25 फीसदी बच्चे कम वजन के भर्ती होते हैं। वजन सामान्य होने तक ऐसे बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती करना पड़ता है। यहां पर एक से पांच साल तक के बच्चों को भर्ती किया जाएगा।

अस्पताल में बने एक बच्चा वार्ड को पीआईसीयू बनाया जा सकता है। पूरे समय एक डॉक्टर तैनात रहेंगे। इसमें सेंट्रलाइज आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सिस्टम, मल्टी पैरामॉनीटर, पल्स आक्सीमीटर, वेंटिलेटर व अन्य सुविधाएं रहेंगी।  अस्पताल प्रशासन का मानना है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायगा।

साफ़ सफाई के होंगे विशेष इंतजामात

इस नई यूनिट में  साफ़ सफाई के विशेष इंतजामात होंगे ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न हो सके। यह यूनिट बनाने के पहले पीआईसीयू को ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद एचडीयू बनाने का काम शुरू होगा। अस्पताल में फिलहाल एसएनसीयू सिर्फ 30 बेड का है। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो उन्हें हमीदिया रेफर करना पड़ता है। एचडीयू में पीलिया या अन्य बीमारी से ग्रसित बीमार बच्चों को रखा जाएगा।