भोपाल में ब्रेन हेमरेज से डॉक्टर पति की मौत के कुछ देर बाद ही प्रोफेसर पत्नी ने दी जान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भोपाल डॉक्टर पति की ब्रेन हेमरेज से मौत के बाद प्रोफेसर पत्नीने भी जान दे दी। डॉक्टर पति पराग पाठक की मौत ने प्रोफेसर पत्नी प्रीति झारिया को इस कदर तोड़ दिया कि पति की मौत के महज एक घंटे के अंदर ही प्रीति ने भदभदा के पानी में कूदकर जान दे दी। जानकी नगर चूना भट्टी में रहने वाले भाभा मेडिकल कालेज में प्रोफेसर डॉक्टर पराग पाठक की 28 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज से मृत्यु हो गई थी।

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चार साल पहले ही पराग और प्रीति ने शादी की थी, पराग की यह दूसरी शादी थी वही प्रीति की पहली शादी थी, प्रीति जबलपुर के शासकीय मानकुंवर बाई कालेज में प्रोफेसर थी लेकिन शादी के बाद प्रीति ने पति और सास की खातिर अपनी सीनियरिटी को दरकिनार करते हुए भोपाल के कॉलेज में ट्रांसफर ले लिया, पराग के पिता डिप्टी कलेक्टर थे और माँ स्त्री रोग विशेषज्ञ है, परिवार हंसी खुशी रह रहा था, पराग को हाई बीपी की शिकायत रहती थी, इसी बीच कुछ दिन पहले  28 अप्रैल को अचानक पराग को ब्रेन हेमरेज हुआ उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया डाक्टर्स ने उनकी हालत बेहद चिंताजनक बताई फिर भी प्रीति ने विश्वास जताया कि पराग जल्द ठीक होगा और वह उसे लेकर घर जाएगी। लेकिन शायद होनी को कुछ और मंजूर था।

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2 मई की रात करीब 2 बजे डॉक्टर ने प्रीति को बताया कि उनके पति पराग की मौत हो चुकी है। ये सुनकर बदहवास प्रीति ने बड़े भाई को फोन किया। यह सुनकर दोनों भाई राजेंद्र कुमार झारिया, राजेश कुमार झारिया अस्पताल के लिए निकले। इसी बीच, प्रीति ने डॉक्टर से कहा कि अब उनके जीने का मतलब नहीं है। इस दुनिया में मेरा कोई नहीं रहा। भदभदा ब्रिज जा रहे हैं खुदकुशी करने। यह कहकर वह कार से भदभदा की ओर निकल गईं। अस्पताल पहुंचे भाइयों को डॉक्टर ने पूरी बात बताई और सभी उसके पीछे भदभदा की गए। जब तक वे पहुंचे, प्रीति छलांग लगा चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। अगले दिन प्रीति और पराग का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।