प्रदेश की पहली माइक्रोबायोलॉजी लैब तैयार, अब सैंपल की जांच समय पर हो सकेगी

भोपाल।

मध्यप्रदेश की पहली आधुनिकतम माइक्रोबायोलॉजी लैब बनकर तैयार हो गई है। पहले के समय नमूनों की जांच के लिए सैंपल को बाहर भेजना पड़ता था। लेकिन अब बाहर भेजने की जरुरत नही होगी। सैंपल की जांच अब भोपाल में हो जाएगी। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित औषधि प्रशासन में माइक्रोबायोलॉजी लैब के लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू किया गया है। जिसमें हजारों की संख्या में सैंपल आए। पहले सिर्फ दीपावली और रक्षाबंधन में ही सैंपल जांच के लिए कलेक्ट होते थे।

साढे 8 करोड़ की लागत से बनी है लैब

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ओथॉरिटी आफ इंडिया की ओर से सॉफ्टेल योजना का क्रियान्वयन किया गया है। जिसमें माइक्रोबायोलॉजी लैब के लिए 1 करोड, उपकरणों के लिए 8 करोड़ 45 लाख, उपकरण कक्ष के रिनोवेशन के लिए 50 लाख की लागत आई है। यहां सैम्पल रिसीव के लिए पाक्स बॉक्स, बैलेंस रूम, माइक्रोवेव डाइजेशन सिस्टम, मीडिया प्रिपरेशन, क्वालिटी काउंटिंग, 1 ऑपरेशन टाइम, सेफ्टी पैरामीटर, क्लीम रूम एक्जीट जैसे कक्ष बनाए गए हैं।