बिना सबूत थाने बुलाकर प्रताड़ित करना पड़ा भारी, अब पुलिस दे पीड़ितों को मुआवजा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राज्य शासन से पुलिस की अमानवीय मारपीट से प्रताड़ित तीन युवकों को 20-20 हजार रू. मुआवजा राशि एक माह में अदा करने को कहा है। मामला बड़वानी जिले का है।

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दरअसल इस मामलें में अंजड थाने के उप निरीक्षक अहिरवार द्वारा लोकेश पिता चन्दु परमालिया, संदीप पिता सुखदेव कोदर व जगदीश पिता नत्थू, सभी निवासी सोसाड़ मोहल्ला, थाना अंजड, जिला बड़वानी को थाने में बुलाकर उनके साथ चक्की के पट्टे से बने चाबुक से बुरी तरह मारपीट करने एवं झूठे प्रकरण में फंसा देने की धमकी देने के मामले में यह अनुशंसा की है। मामले में आयोग ने पाया कि तीनों पीड़ितों के जीवन के अधिकार सहित उनके मानव अधिकारों का घोर हनन हुआ। शासन चाहे, तो संबंधित उप निरीक्षक अहिरवार से यह राशि वसूल कर सकता है। अपनी अनुशंसा में आयोग ने यह भी कहा है कि शासन थानास्तर पर शिकायत जांच के लिये व्यक्तियों/गवाह को पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा मौखिक कार्यवाही करते हुये थाना में बुलाने की गैरकानूनी प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के सुस्पष्ट आदेश/निर्देश जारी करे।