भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में 28 दिसंबर को विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Assembly Winter Session) की शुरूआत हो रही है। जिसे लेकर कांग्रेस और बीजेपी द्वारा अपनी-अपनी रणनीति (strategy) बनाई जा रही है। जिसमें कांग्रेस ने 28 दिसंबर को ट्रैक्टर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचने का ऐलान कर दिया है, तो वहीं बीजेपी ने 27 दिसंबर को बीजेपी विधायक दल की बैठक (BJP Legislature party meeting) बुलाई है। जो बैठक सीएम हाउस में होगी। जहां बीजेपी सत्र को लेकर अपनी रणनीति बनाएगी।

बीजेपी विधायक दल की बैठक

मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी द्वारा 27 दिसंबर को बुलाए जा रहे विधायक दल की बैठक (BJP Legislature party meeting) में 28 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। वहीं कांग्रेस भी बीजेपी को घेरने की तैयारी में जुट गई है। बता दें कि ये शीतकालीन सत्र बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सदन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव (President and Vice President Election) होना है।

कांग्रेस बना रही सरकार को घेरने की रणनीति

देश में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन (Supporting the farmer movement) करते हुए कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह 28 दिसंबर को ट्रैक्टर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचेंगे। जहां कांग्रेस किसानों की मांगों (Farmers’ demands) को लेकर बीजेपी सरकार का घेराव करेगी। इस दौरान स्वयं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Congress state president Kamal Nath) भी टैक्टर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण हैं शीतकालीन सत्र?

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र (MP Assembly Winter Session) तीन दिनों तक चलेगा। जिसकी शुरूआत 28 दिसंबर से होगी। इस सत्र को काफी महत्वपूर्ण सत्र माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान सरकार को खर्च के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary budget) पास करवाना होगा। वहीं इस सत्र के दौरान ही उपचुनाव में जीत दर्ज कराने वाले विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक (Cabinet meeting) में मध्यप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020 (Freedom of Religion Bill 2020) को मंजूरी नहीं मिल सकी। इस विधेयक को सरकार द्वारा इसी सत्र में लाया जाएगा।

मंगलवार को हुई थी कैबिनेट की बैठक

बता दें कि लव जिहाद (love jihad) से जुड़े विधेयक को लेकर मध्यप्रदेश में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक (MP Cabinet meeting) बुलाई गई थी, जिसमें कोई फैसला नहीं हो पाया। जिसे लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं, जिन्हें शामिल करते हुए निर्णय लिए जाएंगे। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र के छोटा होने पर सवाल किया है। साथ ही कहा है कि बीजेपी सरकार जनता के हित में किए गए सवाल और कार्यों पर चर्चा करने से पीछे हट रही है।

स्पीकर के चुनाव को लेकर बना संशय

मध्यप्रदेश सदन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। जिसे लेकर विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र में क्या स्पीकर का चयन हो पाएगा इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि 27 दिसंबर को होने वाले विधायक दल की बैठक के दौरान इस विषय को लेकर चर्चा की जाएगी और रणनीति बनाई जाएगी।

सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले प्रोटेम स्पीकर

सभी जानते है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद बीजेपी की सरकार बनी। जिसमें बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा को प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker Rameshwar Sharma) के तौर पर नियुक्त किया गया। और कोरोना महामारी के चलते लंबे समय से विधानसभा सत्र आयोजित नहीं की गई। वहीं जब बाद में एक दिन का सत्र बुलाया गया, तो उसमें स्पीकर का चयन (Speaker selection) नहीं हो पाया। कोरोनाकाल के कारण रामेश्वर शर्मा प्रोटेम स्पीकर के पद पर लंबे समय तक बने रहने वाले प्रोटेम स्पीकर बन गए है, जिन्होंने रिकॉर्ड बनाया है।