अंतर्राज्यीय मानव तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, 7 माह में 6 बार बेची गई युवती, पीड़िता ने की आत्महत्या

छतरपुर, संजय अवस्थी। शनिवार को छतरपुर पुलिस ने दिल को दहला देने वाले मानव तस्करी के मामले को उजागर किया है। इस मामले में 18 साल की एक लड़की को नौकरी के नाम पर छत्तीसगढ़ से लाया गया और फिर 7 महीने के अंतराल में 6 बार उसे अलग अलग लोगों को बेचा गया। इन लोगों ने लड़की की खरीद-फरोख्त कर उसके साथ शादी भी रचाई और उसका शोषण किया। आखिरकार इस प्रताड़ना से तंग आकर लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छत्तीसगढ़ से अपह्रत लड़की को तलाशने के लिए जब पुलिस छतरपुर पहुंची तो छतरपुर पुलिस ने इस पूरे अपराध की परतें खोलना शुरू की। मामले में पीड़ित लड़की अपनी जान गवां चुकी है लेकिन पुलिस ने उसे बेचने, खरीदने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

ये है पूरा मामला

शनिवार को पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि छतरपुर के निकटवती ग्राम खोंप निवासी बीनू उर्फ अजय सिंह राय की पत्नि मूलत: छत्तीसगढ़ की निवासी है। बीनू की पत्नि ने छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले अंतर्गत थाना कांसाबेल के सूजीबहार गांव से एक 18 साल की गरीब लड़की को उसके माता-पिता से नौकरी के नाम पर हासिल किया था। आरोपी बीनू और उसकी पत्नि ने 7 माह पूर्व सबसे पहले इस लड़की को छतरपुर जिले के बमनौरा निवासी कल्लू रैकवार को बेचा था। इसके बाद कल्लू रैकवार ने इस लड़की को हरेन्द्र सिंह बुन्देला निवासी नरवा को बेचा, फिर यह लड़की श्रृंखलाबद्ध तरीके से राज पाल सिंह परमार निवासी ग्राम दतया, देशराज कुशवाहा निवासी ग्राम रनगांव, मुन्ना कुशवाहा निवासी ग्राम सीरोन ललितपुर के माध्यम से बिकते हुए संतोष कुशवाहा निवासी ग्राम ललितपुर के पास पहुंची। संतोष कुशवाहा ने इस लड़की को 70 हजार रूपए में सीरोन निवासी मुन्ना कुशवाहा को बेच दिया गया। मुन्ना कुशवाहा ने इस लड़की को अपने मानसिक विक्षिप्त लड़के के साथ शादी करने के लिए खरीदा था। कई बार बेची और खरीदी गई लड़की ने लगातार खुद पर हो रहे यौन हमलों से तंग आकर आखिरकार 10 सितंबर 2020 को फांसी लगाकर ललितपुर जिले के ग्राम सीरोन में ही आत्महत्या कर ली।

इस तरह पकड़े गए तस्कर

पीड़ित लड़की लगभग 7-8 महीने पहले अपने गांव सूजीबहार छत्तीसगढ़ से नौकरी के नाम पर छतरपुर लायी गई थी। कुछ दिनों तक छतरपुर के खोंप निवासी बीनू राय और उसकी पत्नि ने उसे अपने पास रखा और फिर बेचना शुरू कर दिया। जब लड़की के माता-पिता को बेटी के साथ किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ तो उन्होंने 3 जुलाई 20 को इस मामले की शिकायत थाना कांसाबेल छत्तीसगढ़ में कराई थी। छत्तीसगढ़ पुलिस ही पिछले दिनों इस मामले की पड़ताल करते हुए छतरपुर आयी। छत्तीसगढ़ से आयी पुलिस टीम के सुरागों को टटोलते हुए जब कोतवाली टीआई अरविंद दांगी ने खोंप निवासी बीनू उर्फ अजय तनय बाबूलाल राय उम्र 27 साल को पत्नि सहित हिरासत में लिया तो सख्त पूछताछ के दौरान उन्होंने लड़की को बेचना कुबूल कर लिया। पुलिस सबसे पहले कल्लू रैकवार निवासी बमनौरा तक पहुंची और इसके बाद बारी-बारी से पूरी चैन को दबोच लिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित 7 पुरूषों को गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ और छतरपुर पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन के तहत सभी आरोपियों पर अपहरण, मानव तस्करी और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को छत्तीसगढ़ पुलिस ट्रांजिट रिमाण्ड पर लेकर रवाना हो गई है।

छतरपुर पुलिस की संवेदनशीलता से खुला मामला

इस मामले में छतरपुर पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने जिस संवेदनशीलता से काम किया है, उस कारण उससे मानव तस्करी में लिप्त कई लोग पकड़े गए हैं। इस कार्यवाही में कोतवाली टीआई अरविंद दांगी, उपनिरीक्षक देवेन्द्र सिंह यादव, आरक्षक राकेश कुशवाहा, छत्तीसगढ़ पुलिस के एएसआई देवनारायण यादव, आरक्षक अर्जुन, महिला आरक्षक अर्चना ने सराहनीय भूमिका निभाई।