मरीजों को खुले में सड़क पर पहनाई जा रही पीपीई किट, कोविड प्रोटोकॉल की हो रही अनदेखी

शहर के बीचो बीच निजी रेडियालॉजी सेंटर कोविड द्वारा नियमो की अनदेखी, यहा सीटी स्केन के लिए आने वाले मरीजों को सड़क पर ही पहनाई जाती है पीपीई किट, स्केनिंग के बाद किट को वही बाहर ही छोड़ दिया जाता है

PPE Kit

छिन्दवाड़ा, विनय जोशी| जहा एक तरफ जिले में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) तेजी से अपने पाव पसार रहा है, आये दिन नए संक्रमित सामने आ रहे है, ऐसे में अब हर तरफ पहले से कही ज्यादा सावधानी और सुरक्षा बरते जाने की जरुरत है, मगर ऐसा होता जरा भी नजर नही आ रहा बल्कि कोरोना के प्रति लगातार हर तरफ से लापरवाही (Negligence) सामने आ रही है|

ऐसा ही लापरवाही का एक मामला सामने आया है जहा शहर के बीचो बीच घनी आबादी वाले क्षेत्र के आस पास संचालित हो रहा एक निजी रेडियालॉजी सेंटर कोविड नियमो की अनदेखी करता नजर आ रहा है| यहा सीटी स्केन (CT Scan) के लिए आने वाले मरीजों को सड़क पर ही पीपीई किट पहनाई जाती है और स्केनिंग के बाद मरीज के साथ आये परिजनो द्वारा किट को वही बाहर ही छोड़ दिया जाता है| इससे क्षेत्र में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है|

सेंटर में बाहर ही खुले में मरीज को पीपीई किट पहनाये जाने की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मिडिया में खूब वायरल हो रही है, इसके पूर्व आस पास रहने वाले क्षेत्रवासियों ने इस बात पर आपत्ति भी उठाई थी और सेंटर के सामने प्रदर्शन कर यहा व्यवस्था में सुधार कर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के सभी उपाये किये जाने के साथ ही सीटी स्केन सेंटर में कोरोना कचरा डिस्टॉय के लिए बने नियमों का पालन सही से कराये जाने की मांग जिला प्रशासन से की थी|

शिकायत में कहा गया कि जिला अस्पताल के अलावा इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों का शहर के प्राइवेट कोविड सेंटर में भी उपचार चल रहा है और प्राइवेट अस्पताल मरीजों को सीटी स्केन करवाने के लिए इस निजी सेंटर पर भेजते है, सीटी स्केन सेंटर यहा आने वाले मरीजों को पहले बाहर ही खुले में सड़क पर पीपीई किट पहनाते है फिर सेंटर में अंदर ले जाते है, आस पास के लोगो की माने तो संचालक सेंटर और अपने कर्मचारियों की पूरी सुरक्षा का इंतजाम तो करते है, बिना किट के किसी भी मरीज को सेंटर के अंदर प्रवेश नही दिया जाता है, लेकिन जब मरीज स्कैनिंग कराकर बाहर आते है तो पहनी वाली किट वही आस पास बाहर ही छोड़ जाते है, साथ ही मरीज के साथ आने वाले परिजन भी यहा वहा घूमते रहते है, जिससे क्षेत्रवासियों के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है, यह क्षेत्र घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है, आस पास घनी बस्तीया है और हर समय लोगों का आना जाना यहां बना रहता है, साथ ही यह शहर का मुख़्य मार्ग होने के चलते पूरा दिन लगातार यहा छोटे बड़े वाहनों की आवा जाही लगी रहती है, आस पास कई ऐसे बड़े प्रतिष्ठान मौजूद है जहा दिन भर लोगो की भीड़ भाड़ रहती है, ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए की वो इस और ध्यान दे और जाच कर यहा बरती जा रही लापरवाही में सुधार कर सक्रमण को फैलने से रोकने के हर सम्भव उपाय किये जाने हेतु संचालक को आदेशित करे, साथ ही यहा आने वाले मरीजो के लिए पीपीई किट पहनाये जाने सहित अन्य कोविड प्रोटोकॉल को खुले स्थान की जगह सेंटर के अंदर ही पूरा किया जाना चाहिए और अगर जल्द स्थिति में सुधार नही होता है तो मनमानी करने और संक्रमण को बढ़ाव दे रहे है ऐसे सेंटरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

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