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जिम्मेदारों की ये कैसी लापरवाही, कैसे रुकेगा कोरोना?

Written by:Atul Saxena
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जबलपुर, संदीप कुमार। कोरोना (Corona) को लेकर बरती जा रही सतर्कता के बावजूद जिम्मेदार भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।   सीनियर IAS पी नरहरि की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब एक और वरिष्ठ IAS बी चंद्रशेखर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।  खास बात ये है कि बी चंद्रशेखर की दूसरी बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

वरिष्ठ IAS एवं जबलपुर संभाग आयुक्त बी चंद्रशेखर (Jabalpur Divisional Commissioner B Chandrashekhar) की कोरोना रिपोर्ट आज एक बार फिर पॉजीटिव आई है, जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग सकते में है।  रिपोर्ट को लेकर में चर्चाओं का बाजार गर्म है,  कहा जा रहा है कि संभाग आयुक्त ने समय से पहले कोरोना का दूसरा टेस्ट कराया था जिसके कारण दूसरी रिपोर्ट भी उनकी पॉजीटिव आई है।

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इधर जबलपुर संभाग आयुक्त की फिर से कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमा में हलचल तेज हो गई है। संभाग के सबसे बड़े अधिकारी की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सवालों से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि संभवत: संभागायुक्त ने 10 दिन के पहले ही दूसरी बार टेस्ट कराया है इस वजह से उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।

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उधर बताया जा रहा है कि कमिश्नर के स्टेनो भी पॉजिटिव है और एक और प्रशासनिक अधिकारी का सैंपल जांच के लिए गया है। चिंता की बात ये है कि सैंपल देने के बाद भी इस प्रशासनिक अधिकारी ने कल मीटिंग ली थी।  आपको बता दें कि  संभाग आयुक्त के पॉजिटिव आने के बाद उनके कार्यालय में पदस्थ 60 से 70 कर्मचारियों अधिकारियों का सैंपल लिया गया है, अब ये सभी अधिकारी कर्मचारी चिंता में हैं।

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उधर शहर के लोग और अन्य विभागों के अधिकारी संभाग आयुक्त, उनके स्टेनो की रिपोर्ट पॉजिटिव आने क बाद से चिंता में हैं कि कहीं अधिकारियों की लापरवाही शहर की जनता पर भारी ना पड़ जाये। फिलहाल जबलपुर संभाग आयुक्त बी चंद्रशेखर अभी क्वारंटाइन ही हैं।

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लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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