Damoh News : फिर भड़कीं दबंग विधायक रामबाई, वाहन चेकिंग के दौरान को पुलिस अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी

Amit Sengar
Published on -

Damoh News :  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पथरिया से बीएसपी की चर्चित और दबंग विधायक रामबाई सिंह के किस्से किसी से छिपे नही अक्सर वो कुछ ऐसा कर जाती है जिससे वो पूरे देश की नजर में आ जाती है लेकिन एक सवाल का जवाब लोग लंबे समय से तलाशने में जुटे है की रामबाई सिंह को सड़क पर चेकिंग कर रही पुलिस पर गुस्सा क्यों आता है? एक नही बल्कि कई दफ़ा रामबाई द्वारा पुलिस वालों को चेकिंग करने से रोका गया बल्कि वर्दी वालों को चेकिंग अभियान बन्द करके रवानगी भी डालनी पड़ी। इस बार बसपा विधायक ने ऐसा ही किया है और उनके ये वीडियो वायरल हो रहे है।

यह है मामला

दरअसल रामबाई अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थी और इस दौरान पथरिया के बेलखेड़ी में पहुंची तो मेन रोड पर बीच मे पुलिस वाले थे और दोनों तरफ बड़ी तादात में बाइक कार और ट्रेक्टर खड़े थे, विधायक साहिबा ने जब भीड़भाड़ देखी तो वो अपनी गाड़ी से उतरी और फिर क्या था अपने तल्ख अंदाज में फिर वो एक बार पुलिस वालों के सामने आई।

यहां पुलिस चेकिंग अभियान चला कर लोगो के चालान काट रही थी और ये सब रामबाई को मंजूर नही था। पुलिस वालों को खरी खोटी सुनाने के साथ ही विधायक ने लोगो से अपने वाहन निकालने कहा और कुछ ही मिनिटों में सड़क से गाड़िया खत्म हो गई। विधायक रामबाई का आरोप है कि पुलिस जबरन ग्रामीणों को परेशान कर पैसा वसूल रही है और उनके रहते ये सब नही होगा।

इस दौरान उन्होंने मौके से ही जिले के एडिशनल एसपी को फोन लगाकर शिकायत दर्ज कराई और चेकिंग अभियान चला रहे पुलिस अधिकारी से उनकी बात भी कराई , एडिशनल एसपी और थानेदार के बीच ज्यादा कुछ बात होती उससे पहले ही विधायक ने अपना फोन छीना और फिर पुलिस वालों को जाने को कहा, एक बार फिर दबंग विधायक के सामने पुलिस बोनी साबित हुई और पुलिस को मौके से जाना पड़ा। ये सब पहली बार नही हुआ है बल्कि बीते कुछ महीनों में कई बार रामबाई सिंह ने पुलिस के चेकिंग अभियान को बन्द कराया है और बार बार ये बात सामने आने के बाद सवाल यही खड़ा होता है कि आखिर बसपा विधायक को पुलिस के चेकिंग अभियान पर गुस्सा क्यों आता है?

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट


About Author
Amit Sengar

Amit Sengar

मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

Other Latest News