जल आवर्धन योजना प्रोजेक्ट के साथ साथ खनन माफिया हावी, रातों रात बना दिया कच्चा पुल

सेवढा,राहुल ठाकुर। पिछले 10 माह पूर्व क्षतिग्रस्त हुए पुल से सेवढा नगर के व्यापार में काफी प्रभाव पड़ा है, क्योंकि इसके कारण मुख्य ट्रांसपोर्ट सेक्शन बिल्कुल प्रतिबंधित है। जिसके चलते लंबा चक्कर लगाकर सेवढा नगर में व्यापारिक दृष्टि से सामान आता जाता रहता है। वहीँ इस समस्या के निजात के लिए कई राजनैतिक गतिविधि तो हुई लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम वादे ध्वस्त हो गए।

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अभी वर्तमान में नगर परिषद सेवढा के अंतर्गत फिल्टर वाटर का काम भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। जिसके चलते नगर विभिन्न वार्डो में वाटर सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। वहीँ जल संधारण के लिए सिंध नदी के बीचों बीच, सिंध नदी के बड़े बहाव को रोक कर छोटे रूप में परिवर्तन कर एक जगह से सिंध का पानी निकाला जा रहा है।

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उसी जगह पर कच्ची मिट्टी का पुल अपने खुद के उपयोग के लिए कंपनी ने एक पुल का निर्माण किया है। लेकिन रेत ठेकेदार के द्वारा भी छोटे पुल के ठीक बगल में रेत के भारी वाहनों को निकालने के लिए एक कच्चा पुल और बना दिया गया है, लेकिन समझ से परे यह है कि वर्तमान स्थिति में सेवढा के आमजन व क्षेत्र की जनता बड़े पुल के निर्माण के लिए ज्ञापन दे देकर थक गई, परन्तु जिला प्रशासन ने कोई सुध नही ली। जबकि रेत ठेकेदार केपी सिंह भदौरिया कंस्ट्रक्शन को लाभ पहुचाने की दृष्टि से कच्चा पुल निर्माण के लिए उस पर भी भारी वाहनों के आवागमन के लिये अनुमति प्रदान कर दी गयी।

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इस अनुमति के बाद रातों रात कच्चा पुल बनकर तैयार भी हो गया। इस तरह का शासन प्रशासन का रवैया जनहित में न होकर रेत माफियाओं के हित में होना गलत सन्देश दे रहा है। रेत के टेंडर के लिए जिले से विज्ञप्ति निकाली गयी है। वहीँ दतिया जिले की खदानों का पुनः ठेका होने के लिए खनिज विभाग के द्वारा विज्ञप्ति का प्रकाशन भी किया गया है। जिसके चलते वर्तमान ठेकेदार खदानों से थ्रीडी मशीनों द्वारा रेत का दिन रात खनन कर जगह जगह पहाड़ जैसे डंप लगा रहे हैं।

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जब इसकी जानकारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की कोसिस की जाए तो गोल मोल जवाब देते नजर आते है। इनका कहना है कि वर्तमान समय मे जो बड़ा ब्रिज टूटा हुआ था। उसके पास हमारे खुद की मशीनरी को निकालने के लिए कच्चा पुल का निर्माण किया गया है। जो छोटे पुल के बगल में पुल बन गया है वह आखिर किसके द्वारा बनाया गया है यह मालूम नही है। मोहित त्रिपाठी, प्रोजेक्ट मैनेजर भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड छोटे पुल के बगल से जो मुरम डालकर जो कच्चा बनाया गया है, वह कंपनी का है। जिसे जिले के पदाधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया गया है।