Ujjain : महाअष्टमी पर देवी महामाया और महालाया को लगा मदिरा का भोग, हुई नगर पूजा की शुरुआत

आज शारदीय नवरात्रि (Navratri) के महा अष्टमी (Maha Ashtami) है। ऐसे में मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) में सुख समृद्धि के लिए आज नगर पूजा की जा रही है।

ujjain, Maha Ashtami 2022

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। आज शारदीय नवरात्रि (Navratri) के महा अष्टमी (Maha Ashtami) है। ऐसे में मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) में सुख समृद्धि के लिए आज नगर पूजा की जा रही है। बताया जा रहा है कि आज उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने चौबीस खंबा माता मंदिर में महामाया और महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा का आरंभ किया।

इस दौरान उनके साथ कई शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल मौजूद रहा। आज ये सभी मिलकर करीब 40 से ज्यादा देवी और भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना करेंगे। इतना ही नहीं आज उज्जैन शहर में करीब 27 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मदीना की धार लगाई जाएगी।

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आज नगर पूजा के दौरान आगे 4 ढोल वाले भी चल रहे हैं। वहीं पीछे लोग ध्वजा के साथ तांबे का पात्र लिए चल रहे हैं। इन सभी पात्रों में मदिरा भरी हुई है। जिसकी धार लगाते हुए 27 किलोमीटर लंबे मार्ग तक यह पूरी यात्रा की जाएगी। जी हां 27 किलोमीटर लंबे मार्ग तक मदिरा की धार चलाई जाएगी।

इतना ही नहीं भजिए ,पूरी, भिगोए हुए गेहूं और चने भी अर्पित किए जा रहे हैं। हर साल शारदीय नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन नगर पूजा की जाती है। उज्जैन के राजा सम्राट विक्रमादित्य ने इसकी शुरुआत की थी। तभी से इस की परंपरा अभी तक चलती आ रही है।

ujjain, Maha Ashtami 2022

मान्यताओं के अनुसार, राजा सम्राट विक्रमादित्य उज्जैन के चौबीस खंबा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत की थी। तभी से आज तक 24 खंबा माता मंदिर से ही नगर पूजा की शुरुआत होती है। वहीं 27 किलोमीटर के लंबे मार्ग पर मदिरा की धार चलाई जाती है।

इतना ही नहीं इस दौरान शासकीय दल द्वारा उज्जैन के सभी देवी मंदिर व भैरव मंदिरों में पूजा-अर्चना भी की जाती है। इस नगर पूजा में करीब 12 से 14 घंटे लगते हैं। दरअसल रात 9:30 बजे गढ़कालिका क्षेत्र स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में इसका समापन होता है।