कांग्रेस पार्टी का कड़ा एक्शन, पार्षद को 6 साल के लिए दिखाया बाहर का रास्ता

Guna News : गुना नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 34 से पार्षद सचिन धूरिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए कांग्रेस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद सचिन को कांग्रेसी की सदस्यता से 6 वर्ष तक निष्कासित करते हुए उनके आचरण को गंभीर आपत्तिजनक बताया है।

दरअसल, 27 सितंबर 2022 को आयोजित हुए गुना नगर पालिका के पहले सम्मेलन में सचिन धुरिया ने पार्टी की गाइडलाइन के विपरीत मत दिया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ट से चर्चा के दौरान दी गई सफाई से भी सचिन अगले दिन मुकर गए। नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ट ने जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेतृत्व को सचिन के विरोधाभासी रवैया से अवगत कराया था। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने बताया है कि पार्षद सचिन को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। उनका स्पष्टीकरण भी विरोधाभासी था। मीडिया के सामने आकर वह दलील रहे थे कि वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए उन्होंने भाजपा और नगरपालिका अध्यक्ष का साथ दिाया है। यह तर्क भी इसलिए बेमानी है, क्योंकि पूरा विश्व जानता है कि विकास करने वाली कोई पार्टी है तो वह कांग्रेस है।

सचिन धूरिया ने निजी स्वार्थों की वजह से नपाध्यक्ष का समर्थन किया था। इसके बाद भी नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ और वरिष्ठ नेता बीटू रघुवंशी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन निष्ठा लगातार डगमगाती रही है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सचिन के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है और उन्हें 6 वर्ष तक के लिए पार्टी की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। इस तरह कांग्रेस की ओर से कड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है कि संगठन की गाइडलाइन के विपरीत जाने वालों के खिलाफ पार्टी सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी।

गौरतलब है कि सत्ताधारी दल भाजपा में फिलहाल नोटिस का खेल जारी है और वह पार्टी के विपरीत गतिविधियां करने वाले पार्षदों को अब तक बाहर करने का हौसला नहीं दिखा पाई है। ऐसे में कांग्रेस ने यह कार्यवाही कर बता दिया है कि उनके लिए अनुशासन और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आदेश ही सर्वोपरि है। संख्याबल कोई मायने नहीं रखता।
गुना से संदीप दीक्षित की रिपोर्ट