सीएम को भूखा नंगा कहने पर गुस्से में भाजपा, कांग्रेस को चेतावनी- अहंकार तो रावण का भी नहीं चला

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भूखा नंगा कहने के बाद प्रदेश की सियासत का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता की भाषा को अमर्यादित और प्रदेश की किसान, गरीब और मजदूर जनता का अपमान बताते हुए भाजपा ने ग्वालियर में एक दिवसीय विरोध सभा का आयोजन किया। भाजपा ने कहा कि अहंकार तो राजा रावण का भी नहीं चला। इस प्रदेश की जनता गरीबों का हित करने वालों का साथ देती है मजाक अपमान करने वालों का नहीं।

भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को महाराज बाड़े पर एक दिवसीय विरोध सभा का आयोजन किया। सभा में पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी, प्रदेश एवं जिले के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला कार्यकर्ता शामिल हुए। सभा में शामिल नेता और कार्यकर्ता “अगर गरीब होना गुनाह है तो “#Mainbhishivraj का बैनर पहने हुए थे। विरोध सभा में मुख्य रूप से शामिल पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा बोली है कि वे नंगे परिवार, भूखे परिवार, किसान परिवार से हैं, मुझे लगता है कि ये जो मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया गया है वो अकेले मुख्यमंत्री पर नहीं प्रदेश की उस लाखों करोड़ आबादी पर जो किसानी करती है, गरीब है, मजदूर है मुश्किल से पेट भरती है उस पर ये कटाक्ष है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। इस मनोवृत्ति की निंदा करते हैं। जो लोग ये बात बोल रहे हैं उन्होंने पैसा कहाँ से कमाया इस प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई में भ्रष्टाचार कर पैसे वाले बनकर इस तरह की भाषा बोल रहे हैं ये उनकी हताशा और निराशा है।

पूर्व मंत्री ने कहा इस चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो रहा है और उसके कारण वो हैरान परेशान उसके नेता इस प्रकार की अनर्गल बातें कर रहे हैं। हाँ शिवराज जी गरीब के बेटे हैं, हाँ शिवराज जी किसान के बेटे हैं, शिवराज जो गरीब हैं, नरेंद्र मोदी चाय बेचने वाला है, तो है। इसके कारण आप इस तरह का कटाक्ष कर जनता का दिल नहीं जीत सकते। मध्यप्रदेश की जनता ऐसे लोगों का साथ देती है जो गरीबों का हित करते हैं,अहंकारी भाषा तो राजा रावण की भी नहीं चली इनकी क्या चलेगी।

सीएम को भूखा नंगा कहने पर गुस्से में भाजपा, कांग्रेस को चेतावनी- अहंकार तो रावण का भी नहीं चला