कारगिल की चोटियों पर ऐसे फहराया तिरंगा, ग्वालियर एयरबेस पर रीक्रिएशन से IAF ने दिखाई ताकत

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ग्वालियर। कारगिल युद्ध की 20वीं वर्षगांठ पर वायुसेना ने आज ग्वालियर के  महाराजपुरा एयरबेस पर अपनी ताकत का एक बार फिर प्रदर्शन किया।  टाइगर हिल पर हमले को रीक्रिएट कर ऑपरेशन विजय में इस्तेमाल मिराज 2000 और अन्य विमानों का शानदार प्रदर्शन किया। खास बात ये थी वायुसेना के इस साहसिक प्रदर्शन के समय  वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे।

कारगिल युद्ध में मिली ऐतिहासिक जीत के 20 साल पूरा होने पर भारतीय वायुसेना जश्न मना रही है। ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस पर ऑपरेशन विजय का बड़े ही अनूठे अंदाज में जश्न मनाया गया। यहाँ सुबह से ही माहौल में अलग अनुभूति थी। साहस और पराक्रम के अनूठे संगम का प्रदर्शन होना था। भारतीय वायुसेना के जांबाजों  को कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर जिस तरह जीत मिली थी उसे याद करने के लिए एयरबेस पर वैसी ही एक डमी चोटी बनाई गई और युद्ध के दौरान इस्तेमाल हुए लड़ाकू विमानों के जरिए एक बार फिर इस दुर्गम चोटी पर भारतीय सैनिकों ने चढ़ाई की और फिर तिरंगा फहराया गया। एयरबेस के आसमान पर एक एक कर मिराज,सुखोई सहित अन्य लड़ाकू विमान हवा से भी तेज गति से उड़ान भर रहे थे और उनका अदम्य साहस देखते ही बन रहा था। उन्होंने पल भर में दुश्मन को ढेर कर दिया। 

 गौरतलब है कि 24 जून, 1999 को 5062 मीटर ऊँची  टाइगर हिल पर पाकिस्तानी घुसपैठियों ने अटैक कर दिया था जिसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सेना को ढेर कर दिया था। आखिर में 4-5 जुलाई 1999 को टाइगर हिल पर भारत ने कब्जा जमा लिया। टाइगर हिल पर भारत की बढ़त 24 जून को शुरू हुई थी, जब वायुसेना ने मोर्चा संभाला और दो मिराज 2000 एयरक्राफ्ट्स को भेजा। इन लड़ाकू विमानों ने टाइगर हिल पर जमे बैठे पाक सैनिकों पर लेजर गाइडेड बमों के जरिए हमला किया। यह पहला मौका था, भारतीय वायुसेना ने लेजर गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया। इसी दिन एक और मिशन में एयरफोर्स ने अनगाइडेड बम भी गिराए। तोलोलिंग पहाड़ी को मुक्त कराने के अलावा टाइगर हिल पर एयरफोर्स का अभियान ऐसा था, जिसे भारतीय खेमे को सबसे ज्यादा बढ़त थी। विजय दिवस के मौके पर मिग, मिराज और सुखोई फायटर जेट्स ने यहां अपना कौशल भी दिखाया।