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ग्वालियर।  मुरार क्षेत्र में बहने वाली ऐतिहासिक बेसली नदी जिसे मुरार नदी के नाम से जाना जाता है वो अब नाला बनकर रह गई है । क्षेत्र की सीवर लाइनों का गंदा पानी नदी में बह रहा है। इसके पुराने वैभव को फिर से लौटाने के आज विधायक मुन्नालाल गोयल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुरार नदी का दौरा किया। 

 मुरार नदी को साफ़ सुथरा बनाने के लिए पहले भी कई बार प्रयास हुए लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। अब एक बार फिर इसके सौन्दर्यीकरण के प्रयास किये जा रहे हैं  । नदी को सीवर लाईन के गंदे पानी से मुक्त करने तथा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने हेतु नदी पर रिंग रोड बनाने के उद्वेश्य से क्षेत्रीय विधायक मुन्नालाल गोयल ने आज हुरावली चौराहे से काल्पी ब्रिज नदी पुल तक 4 किलोमीटर का निरीक्षण किया  जिसमें जिला प्रशासन एवं निगम प्रशासन के अधिकारी भी शामिल थे । इस निरीक्षण मुरार नदी के प्रस्तावित प्लान को मूर्त रूप देने के लिये उसकी भौगोलिक स्थिति एवं आने वाली परेशानियों का बारीकी से देखा और समझा गया।  इस दौरे में पाया गया कि प्रभावशाली लोगों ने मुरार नदी की भूमि पर होटल, खेल मैदान व्यवसायिक प्रोजेक्ट खड़े कर दिये हैं तथा नदी की भूमि पर कब्जा करने के लिये अवैध रूप से बाउण्ड्रीवाल खड़ी कर दी गई हैं। यहाँ तक कि काल्पी ब्रिज नदी पुल के नीचे पानी के बहाव वाले 6 गेट बन्द कर उस पर निर्माण कार्य कर लिया गया है । ये देख विधायक श्री गोयल ने नदी की जमीन पर प्रभावशाली लोगों द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटाने एवं अतिक्रमण कराने के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश पअधिकारियों को दिए ।  उन्होंने आज के दौरे में मुरार नदी पर रिंगरोड बनाने के कार्य को प्रारंभ करने के लिये अपनी विधायक निधि से 25 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है ।  निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ तय हुआ कि मुरार नदी का सौन्दर्यीकरण किया जाये। 

मुरार क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिये हुरावली से काल्पी ब्रिज पुल तक (4 कि.मी. क्षेत्र में) नदी के दोनों ओर रिंग रोड बनाई जाये। नदी में जाने वाली समस्त सीवर लाईनों को अण्डरग्राउण्ड कर नदी को सीवर मुक्त किया जायेगा हुरावली से काल्पी ब्रिज तक 4 कि.मी. क्षेत्र में नदी के दोनों ओर 2000 वृक्ष लगाये जाएं जिससे नदी पर सुबह शाम टहलने वाले लोगों को शुद्ध वायु मिल सके । मुरार क्षेत्र में गिरते जल स्तर को मुरार नदी के माध्यम से ठीक किया जाये नदी क्षेत्र में बच्चों के मनोरंजन के लिये झूले आदि लगाकर पार्क विकसित किये जाएं। 

जनता प्रोजेक्ट बहुत सस्ता जबकि ननि का बहुत महंगा

मुरार नदी को पुराने वैभव को लौटने के लिए नगर निगम के अधिकारी तीन बार प्रोजेक्ट बना चुके हैं । पहला प्रोजेक्ट 360 करोड़ रुपये का ,दूसरा प्रोजेक्ट 332.34 करोड़ रुपये का और तीसरा प्रोजेक्ट 166 करोड़ रुपये का तैयार किया गया जबकि जनता के 15 लोगों ने जो प्रोजेक्ट बनाया वो मात्र 72 करोड़ 64 लाख रुपये का बनाया है। सूत्र बताते हैं कि विधायक मुन्नालाल गोयल इसी प्रोजेक्ट पर काम करना चाहते हैं।