Jyotiraditya Scindia: सिंधिया के निर्वाचन को HC में चुनौती, इस दिग्गज की याचिका पर मिला नोटिस

ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कांग्रेस (Congress) छोड़कर भाजपा (BJP) में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। पार्टी छोड़ने के बाद से कांग्रेस नेता लगातार उनपर हमलावर हैं। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता, लहार विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह (Former Minister Dr. Govind Singh) ने सिंधिया के राज्यसभा निर्वाचन (Rajya Sabha Election) को चुनौती दी है। डॉ सिंह ने हाईकोर्ट (Highcourt) में निर्वाचन रद्द करने के लिए एक याचिका लगाई है। जिस पर हाईकोर्ट ने सिंधिया को नोटिस जारी किया है।

कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने वाले और फिर राज्य सभा पहुँचने वाले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह ने मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ याचिका दायर की है जिसमें सिंधिया पर राज्य सभा के नामांकन पत्र में निर्वाचन से पहले दिये शपथपत्र में आपराधिक जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है। इस मामले में अब सिंधिया की परेशानी बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने उन्‍हें नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

डॉ गोविंद सिंह के एडवोकेट कुबेर बौद्ध ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (MP Breaking News) से बात करते हुए बताया कि याचिका में पूर्व मंत्री और लहार से विधायक डॉ गोविंद सिंह ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा सदस्‍यता के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। एडवोकेट बौद्ध ने बताया कि याचिका में डॉ गोविंद सिंह ने कहा है कि राज्यसभा सांसद के लिए उम्मीदवार के रूप में जो शपथपत्र सिंधिया ने विधानसभा में दिया था, उसमें आपराधिक जानकारी छुपाई गई है। याचिका में कहा है कि साल 2018 में भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा भी था लेकिन नामांकन पत्र में छिपा गए जो अपराध की परिधि में आता है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।