वो छिप छिप कर मिलती थी, पत्नी को प्रेमी के साथ देखा तो पति पर चढ़ा दी कार, बेवफाई की शिकायत लेकर थाने पहुंचा युवक

ग्वालियर में एक पति पुलिस से गुहार लगा रहा है कि पुलिस जिसे एक्सीडेंट समझ रही है वो उसकी पत्नी के प्रेमी द्वारा उसे जान से मारने की कोशिश है, पत्नी की बेवफाई से दुखी पति अब उसे अपने साथ रखना नहीं चाहता।

Gwalior News : पति पत्नी के रिश्ते को अटूट और पवित्र माना जाता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में आये सामाजिक और नैतिक पतन ने इस रिश्ते को कलंकित कर दिया है। मेरठ वाली मुस्कान रस्तोगी का मामला इसका ताजा और ज्वलंत उदाहरण है, लगभग ऐसी ही एक घटना ग्वालियर में सामने आई है। यहाँ तीन बच्चों की माँ अपने पति पर प्यार जताती लेकिन प्यार प्रेमी पर लुटाती है, पति को अफेयर का पता चल गया, वीडियो कॉल पर बात करते पकड़ा, समझाया ,वाद विवाद, मारपीट हुई तो मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया लेकिन इस बार जब पति ने पत्नी को प्रेमी के साथ देख लिया तो प्रेमी ने उसे कार से उतारा और फिर पति पर कार चढ़ाकर उसे मारने का प्रयास किया, किस्मत से वो बच गया उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसी बीच जख्मी हालत में उसने एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस से गुहार लगाई है कि ये सामान्य एक्सीडेंट नहीं है जानलेवा हमला है उस हिसाब से कार्रवाई की जाये।

दरअसल मामला ग्वालियर शहर के तारागंज मोहल्ले में रहने वाले अनिल पाल, उसकी रजनी और पत्नी के प्रेमी मंगल सिंह कुशवाह से जुड़ा है, अनिल पाल घर के नीचे जनरल स्टोर की शॉप चलाता है, वो जह्मी हालत में एसपी ऑफिस पहुंचा और पत्नी और उसके प्रेमी पर जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया, उसने सबूत के तौर पर एक सीसीटीवी विजुअल भी पुलिस को सौंपा है।

दो बेटी और बेटे की माँ का दूसरे से अफेयर 

अनिल ने मीडिया को बताया कि उसकी शादी को कई साल हो गए उसके दो बेटी और एक बेटा है, घर में सब ठीक है लेकिन पत्नी आये दिन कोई न कोई विवाद कर बहाना बनाकर मायके टेकनपुर चली जाती थी, बार बार मायके जाने पर उसे शक हुआ तो उसने पड़ताल की तो मालूम चला कि उसका किसी के साथ अफेयर है, जब वो ससुराल गया तो पत्नी और उसके प्रेमी की नजदीकी से उसका शक गहरा हो गया।

पति ने वीडियो कॉल पर प्रेमी से बात करते पकड़ा

उसने बताया कि शुरू में उसने जाने दिया जिसका पत्नी ने फायदा उठाया उसने दोनों को जब वीडियो कॉल पर बात करते हुए पकड़ा तो फटकार लगाई और अफेयर की बात पर सवाल जवाब किये पत्नी ने माफ़ी मांग ली और आगे से नहीं मिलने का वादा किया, 20 मार्च को पत्नी ने पेट दर्द की बात कहकर मायके मायके जाकर जौरासी में झाड़ा लगवाकर आने की बात कही और शाम को 6 बजे तक वापस आने की बात कहकर चली गई।

प्रेमी के साथ उतरी पत्नी, पति ने रोकने की कोशिश की प्रेमी ने चढ़ा दी कार 

अनिल ने कहा उसे शक पहले से था इसलिए उसने रंगे हाथ पकड़ने की प्लानिंग की, वो पत्नी के लौटने के समय झाँसी रोड थाने के पास वाले बस स्टैंड पर पहुंच गया और उसके आने का इन्तजार करने लगा, कुछ देर बाद उसने पत्नी को एक नीली रंग की कार से उतरते देखा, कार उसका प्रेमी मंगल सिंह चला रहा था, जैसे ही पत्नी कार से उतारी अनिल ने आगे बढ़कर कार रोकने की कोशिश की लेकिन ड्राइवर ने कार अनिल पर चढ़ा दी और करीब 50 मीटर तक घसीटता ले गया कार उसे कुचलती हुई ले गई मुश्किल से उसकी जान बची।

पति ने पुलिस में दिया आवेदन ये एक्सीडेंट नहीं, हत्या का प्रयास है 

जख्मी हालत में अनिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया उसके हाथ, कंधे, पीठ सहित कई जगह गहरे घाव हैं, पुलिस ने अनिल की शिकायत पर मामला तो दर्ज किया लेकिन एक्सीडेंट की धाराओं के साथ, अनिल ने पुलिस को पूरा मामला समझाया लेकिन पुलिस को जो दिखाई दिया उसके आधार पर उसने मामला दर्ज कर लिया।

पति ने पत्नी को रखने से इंकार किया, प्रेमी के साथ जेल भेजने का अनुरोध 

घटना के बाद पत्नी कहीं चली गई और अब वो लौट आई और बोली मैं यहीं रहूंगी मुझे कहीं नहीं जाना लेकिन अब अनिल उसे रखना नहीं चाहता उसका कहना है कि पत्नी उसे लंबे समय से धोखा दे रही थी, अनिल पत्नी की बेवफाई की शिकायत लेकर जख्मी हालत में ही एसपी ऑफिस पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई कि मेरा सामान्य एक्सीडेंट नहीं हुआ है पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर मेरी हत्या की कोशिश की है इसमें हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई जाए और दोनों को गिरफ्तार किया जाये।

ये कहना है पुलिस का 

उधर सीएसपी रॉबिन जैन ने कहा एक्सीडेंट का केस थाना झाँसी रोड में दर्ज है पुलिस उसमें कार्रवाई कर रही है, अब आवेदक ने जो आवेदन दिया है और उसमें जो तथ्य दिए हैं उसकी जाँच की जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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