Bhaiyyu-ji-mharaj-trust-case-Indore

इंदौर। भय्यू महाराज के ट्रस्ट में उनके निधन के बाद से बवाल मचा हुआ है। ट्रस्ट से सचिव तुषार ने संस्था के अध्यक्ष दिलीप देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सचिव ने पुलिस ने दिए शिकायती आवेदन में बताया है कि उनकी अनुपस्थिती में अध्यक्ष ने ताला तोड़कर ट्रस्ट से जुड़े जरूरी कागजात निकाले हैं और कम्प्यूटर समेत प्रिंटर भी गायब किया गया। वहीं, उसका आरोप है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने उसका इस्तीफा मंजूर कर लिया, जबकि सचिव का कहना है मैंने इस्तीफा नहीं दिया। ऑफिस का ताला तोड़कर फाइलें निकालने के भी आरोप लगाए हैं। वहीं, आरोप है कि पुलिस ने सचिव की शिकायत को लेने से मना कर दिया। जिसके बाद उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। 

सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप देशमुख, उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप पाटिल व अन्य लोगों ने शनिवार को अचानक बैठक आहूत कर ली। दिलीप भय्यू महाराज के भाई हैं, जबकि डॉ. प्रदीप बहनोई। डॉ. प्रदीप के मुताबिक, पूर्व में ट्रस्ट के सचिव तुषार पाटिल ने इस्तीफा दिया था। शनिवार को हुई बैठक में उसे मंजूर कर लिया। सचिव के इस तरह इस्तीफा देने का कारण नहीं बताया गया। दूसरी ओर सचिव तुषार पाटिल का कहना है, उन्होंने इस्तीफा दिया ही नहीं। उनकी अनुपस्थिति में आश्रम पहुंचे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने ऑफिस का ताला तोड़ लिया। फोन कर ट्रस्ट की बैठक बुलाने की बात कही तो मैंने कहा, अचानक बैठक कैसे कर सकते हैं? इसकी पूर्व में सूचना होना चाहिए। 11 ट्रस्टी होना चाहिए। दूसरी ओर से कहा गया, हमने फोन पर सूचना दी थी। मुझे बाद में कहा गया, आप इस्तीफा दें अन्यथा हटा देंगे। तुषार का कहना है, उन्हें हटाकर ट्रस्ट पर कब्जे की साजिश चल रही है। इसका वे विरोध करेंगे। गौरतलब है, ट्रस्ट में भय्यू महाराज की दूसरी पत्नी आयुषी को ट्रस्टी बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन आपत्तियों के कारण इस पर फैसला नहीं हो पाया है।