रेमडेसिवीर की काला बाजारी पर जिला प्रशासन सख्त, 898 नये पॉजिटिव, केवल आकस्मिक सर्जरी को अनुमति

रेमडेसिवीर, इंदौर

इंदौर, आकाश धौलपुरे। कोरोना (corona) की रडार पर बैठे इंदौर (indore) में लगातार फैल रहे संक्रमण (infection) ने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। दरअसल, यहां तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं (health facility) के साथ ही वैक्सीनेशन (vaccination) को लेकर दावे तो किये जा रहे है लेकिन नतीजा ये सामने आ रहा है शासन- प्रशासन स्तर पर की जा रही तैयारियों को पार कर कोरोना की दूसरी लहर ने सभी पुख्ता इंतजामों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।

इंदौर में तो जिला प्रशासन व क्लेक्टर मनीष सिंह कोरोना से बचाव के लिए 24 घण्टे व्यस्त नजर आ रहे है और हर समय बचाव के नए तरीकों को अमल में लाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मानव सेवा को धता बताने वाले भी इस दौर में सक्रीय है रेमडेसिवीर के हजार रुपये तक बिकने वाले इंजेक्शन को 3 से लेकर 6 हजार रुपये तक बेच रहे हैं। वहीं इन इंजेक्शन की कालाबाजारी की बातें भी सामने आ रही है। जिसके बाद इंदौर क्लेक्टर पहले से अधिक सख्त हो गए है।

क्लेक्टर मनीष सिंह की माने तो अब तक कोई आधिकारिक शिकायत कालाबाजारी की नहीं आई है। लेकिन शिकायत आती है तो ऐसे डीलर्स और स्टोर संचालक का लायसेंस निरस्त कर उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। वहीं आम आदमी भी इंजेक्शन की कालाबाजारी में लिप्त पाया गया तो उसे भी सीधे जेल भेजा जाएगा। इधर, इंदौर क्लेक्टर ने बताया कि उन्होंने आईएमए के साथ बैठक की है जिसमे ये बात सामने आई है कि अनावश्यक तौर पर भी इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसे में आईएमए के डायरेक्टर डॉ. सतीश जोशी और बड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में रेमडेसिवीर  के उपयोग का प्रोटोकॉल बनाएंगे ताकि रेमडेसीवर का सही उपयोग हो सके और अनावश्यक लोगो को न लगाया जाए।

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जूनियर डॉक्टर के हड़ताल पर जाने के मामले में कलेक्टर ने अपील की है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म होता है और ऐसे समय मे यदि वो हड़ताल पर जाते है तो आम लोगो की संवेदनाएं उनके साथ नहीं होंगी। वहीं ऑक्सीजन के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधकों से लेकर नर्सिंग स्टॉफ को सचेत रहने को कहा ताकि ऑक्सीजन का फिजूल न खर्च हो।

बाइट: डाॅ अमित मालाकर (कोविड नोडल अधिकारी)

इधर, बुधवार रात को कोरोना संक्रमण के 898 नये केस सामने आए है और चार लोगों ने संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया है। फिलहाल, इंदौर में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि लोग जागरूक रहे और मास्क सहित सभी नियमो का पालन करे तो आने वाले 5 से 7 दिनों में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते है। उन्होंने बताया कि कोविड – 19 से अब तक 985 लोग अपनी जान गंवा चुके है वही वर्तमान में 6563 पॉजिटिव मरीजो का इलाज जारी है।

जहां एक तरफ बढ़ते कोरोना संक्रमण ने सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों की मुश्किलें बढ़ा दी है वही दूसरी ओर सीएमएचओ इंदौर डॉ. बी.एस. सैत्या ने इंदौर के सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी (प्लांड सर्जरी ) पर रोक लगा दी है। दरअसल, कोविड के बढ़ते प्रभाव के चलते अधिकतर निजी अस्पतालों में कोविड मरीजो का इलाज चल रहा है ऐसे में आकस्मिक और अनिवार्य सर्जरी को छोड़कर अन्य सर्जरी पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बाइट: डाॅ बीएस सैत्या

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