इंदौर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम, कहा सरकार नहीं छुपा रही आकड़ें तो पूर्व मंत्री पटवारी ने कस डाला ये तंज

कोरोना काल की दूसरी और खतरनाक लहर के बीच पहली बार इंदौर की सुध लेने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी पहुंचे।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। कोरोना काल की दूसरी और खतरनाक लहर के बीच पहली बार इंदौर (Indore) की सुध लेने पहुंचे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ( Dr. Prabhuram Chaudhary) ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोरोना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई आंकड़े भी रखे और माना कि अप्रैल माह की तुलना में मई माह में कोरोना संक्रमण की दर में कमी बताते हुए ऑक्सीजन, रेमडेसिवीर, बेड और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर तमाम आंकड़े पेश किए और कोरोना की तीसरी लहर के साथ ही ब्लैक फंगस से बचाव के लिए उपाय सुझाने के साथ ही सुझाव भी लिए।

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श्मशानों के शवों को बांटा 3 कैटेगरी में- स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत दूर हुई है और केंद्र सरकार के साथ मिलकर 100 प्लांट बनाये गए है और कहा कि 8 प्लांट बनकर तैयार है। इतना ही नही आयुष्मान कार्डधारियों के लिए प्रदेश में और भी ज्यादा निजी अस्पतालों से अनुबंध की तैयारी की बात को भी डॉ. प्रभुराम चौधरी ने प्रमुखता से रखा। मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि पेंडमिक के दौर में प्रदेश को 2 लाख 73 हजार इंजेक्शन मिले है जिनमे से 43 हजार इंजेक्शन इंदौर को मुहैया कराए गए है। वही इंदौर में बेड ऑक्यूपेंसी से लेकर अवेलेबिलिटी पर भी उन्होंने सरकार के पक्ष को मजबूती से रखने की कोशिश की बावजूद इसके बेड की उपलब्धता को लेकर वो कोई सकारात्मक जबाव नही दे पाए, इतना ही नही कोविड की दूसरी लहर के नये स्ट्रेन को लेकर भी वो कोई माकूल जबाव नही दे सके।

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इधर, उन्होंने मीडिया द्वारा पूछे गए मौत के आंकड़ो को छिपाने के सवाल पर भी एक नया तर्क दे डाला। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है इंदौर में कोविड से करीब 1200 मौते हुई है लेकिम श्मशान में दाह संस्कार किये जा रहे शवो को उन्होंने तीन श्रेणियों में बांट दिया और कहा कि शमशान में वर्तमान में जो कोविड से मरने वाले, कोविड के संदिग्ध और अन्य बीमारियों से मरने वाले शव जा रहे है और सभी को कोरोना संक्रमित नही माना जा सकता है। उन्होंने कहा सरकार कोई आंकड़े नही छिपा रही है। हालांकि मीडिया द्वारा जब 11 हजार रुपये के इनाम वाला सवाल स्वास्थ्य मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं सामाजिक संगठनों से लेकर राजनीतिक दलों से कहूंगा कि वो इस वक्त राजनीति न करे।

जीतू पटवारी ने उठाए सवाल

वही इस मामले को कांग्रेस सरकार के समय मंत्री रह चुके जीतू पटवारी ने दावा किया इंदौर के एक श्मशान में ही 700 से अधिक मौत के आंकड़े है और हर शख्स के जानकारी में उनके मिलने जुलने वाले कम से कम 25 लोग कोविड से मरे है ऐसे में सरकार सही आंकड़े नही बता रही है। वही उन्होंने वैक्सीनेशन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार के मुताबिक 45 हजार टीके लगाए जा चुके है लेकिम वर्तमान में 10 लाख की आबादी पर केवल 700 लोगो का ही वैक्सीनेशन हुआ है और 45 से ज्यादा की उम्र वाले लोग तो वैक्सीन की दूसरी डोज का इंतजार कर रहे है। इधर, उन्होंने अपने द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को ढूंढने पर 11 हजार के इनाम की घोषणा पर कहा कि आज उन्हें समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आमंत्रित किया है और मैं जब रेसीडेंसी पहुँचा तो मीडिया ने मुझे स्वास्थ्य मंत्री के होने की जानकारी दी इसलिये 21 हजार रुपये वो पत्रकार राहत कोष में देंगे।

वही विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को ग्रामीण क्षेत्रो में कोरोना को लेकर गंभीरता दिखानी होगी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रो में मरीजो की संख्या बढ़ रही है। वही उन्होंने ये भी साफ किया कि पेंडमिक के इस दौर में हम कोई राजनीति नहीं करना चाहते है बल्कि सरकार के साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ना चाहते है।

फिलहाल, इंदौर में कोरोना अभी भी कहर मचा रहा है इस बात को टाला नही जा सकता है ऐसे में अब सरकार और प्रशासन से लोगो को उम्मीद है कि कोरोना की तीसरी लहर और ब्लैक फंगस के लिये कोई ठोस तैयारी रखे ताकि इंदौर सहित प्रदेश श्मशान में तब्दील होने से बच जाए।