इंदौर में आखिर कैसे फेल हो गया प्रशासन का इंटेलिजेंस सिस्टम…जिम्मेदार कौन

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश(Madhyapradesh) के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर (Indore) में रविवार को सरकार की सख्ती के बावजूद ताजिए निकाले गए और सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई।यहां खजराना के बड़ला इलाके में बड़ी संख्या में लोगों ने ताजिए निकाले, जब पुलिस को यह सूचना मिली तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और सभी को समझाकर ताजिए वापस रखवा दिए।हालांकि इस घटना के बाद अफसरों ने खजराना टीआई (TI) को लाइन अटैच कर दिया है, लेकिन इस घटना ने अफसरों और नियमों पर सवाल खड़े कर दिए है, कि आखिर किसकी अनुमति से ये ताजिए निकाले गए, क्या प्रशासन का इंटेलिजेंस सिस्टम (Intelligence system)फेल हो गया, जो उन्हें इतने बड़े कार्यक्रम का खबर भी नही हुई , जबकी रविवार के दिन पूरे प्रदेश में टोटट लॉकडाउन रहता है और यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या भी 12 हजार के पार हो गई है।

दरअसल, इस वर्ष कोरोना काल (Corona Crisis) की वजह से सार्वजनिक गणेश स्थापना, मोहरम पर जुलूस निकालना, डोल ग्यारस पर चल समारोह, अनंत चतुर्दशी का जुलूस आदि प्रशासन द्वारा प्रतिबंध किया गया है ,बावजूद इतनी बड़ी तादाद में खजराना क्षेत्र में लोगों ने एकत्रित होकर ताजिए निकाले, जुलूस के रूप में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए थे, जिसे प्रशासन की बड़ी चूक माना जा रहा है। हालांकि अफसरों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खजराना थाना प्रभारी सन्तोष यादव को तत्काल लाइन अटैच किया गया। इससे पहले रविवार दोपहर में राजवाड़ा स्थित इमामबाड़े पर ताजिए निकाले जाने की अफवाह फैली थी, ऐसे में पुलिस ने त्वरित कार्यवाही कर भीड़ को समझाइश देकर घर भेजा था , लेकिन खजराना में नियमों को ताक पर रख सोशल डिस्टेंसिंग की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई।

इस मामले में पूर्व पार्षद उस्मान पटेल सहित 13 लोगों को धारा-188 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।प्रशासन ने पूर्व में ही त्योहारों के दौरान जुलसू, रैली, झांकी, ताजिये निकालने पर रोक लगा रखी है। इसे लेकर सुबह खजराना थाना परिसर में बैठक भी हुई थी और पुलिस अफसरों ने जुलूस नहीं निकलने की बात कही थी, बावजूद इसके ताजिए निकाले गए।खजराना के ताजिये के वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे , जिसके बाद प्रशासन पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।हैरानी की बात तो ये है कि इंदौर का खजराना भी कोरोना का हॉटस्पाट रह चुका है। अप्रैल में जब कोरोना शहर में फैलना शुरू हुआ था, तब सैकड़ों मरीज खजराना क्षेत्र से भी निकले थे। अभी भी यहां संक्रमण लगातार फैल रहा है और नए मरीज सामने आ रहे हैं।