इंदौर के इस निजी अस्पताल में 70 प्रतिशत ऑक्सीजन स्वयं की जाती है जनरेट, मंत्री ने किया प्लांट का दौरा

शुक्रवार को इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) ने शहर के चोइथराम अस्पताल द्वारा जनरेट की जा रही ऑक्सीजन व्यवस्था को देखा।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में बढ़ते कोरोना संक्रमण (Corona infection) और अस्पतालों में इलाज के दौरान पड़ रही ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार मैदान में है। शुक्रवार को इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) ने शहर के चोइथराम अस्पताल द्वारा जनरेट की जा रही ऑक्सीजन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया और बीजेपी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे सहित अन्य नेता मौजूद थे।

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दरअसल, इंदौर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते हैं अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के उद्देश्य से मंत्री तुलसी सिलावट ने शुक्रवार को चोइथराम अस्पताल (Choithram Hospital) का दौरा किया। जहां उन्होंने गहनता से हर बात को ध्यान में रखकर ऑक्सीजन प्लांट को देखा और चोइथराम अस्पताल प्रबंधन से चर्चा की। प्रदेश के जल संसाधन और इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने इस मौके पर मीडिया को बताया कि चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर का एक बड़ा कोविड-19 सेंटर है और यहां लगभग 200 कोरोना मरीज भर्ती है।

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उन्होंने बताया कि फिलहाल शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के बीच राहत की बात यह है कि चोइथराम अस्पताल द्वारा 70% ऑक्सीजन स्वयं कन्वर्ट कर प्रोड्यूस की जा रही हैं जो यहां भर्ती मरीजो को उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि इस तरह के प्लांट दूसरे अस्पतालों में भी बनाए जा सके इसको लेकर भी अस्पताल प्रबंधन से चर्चा की गई है। वही अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के प्लांट के निर्माण मे करीब 3 से 4 माह का समय लगता है। वही मंत्री सिलावट ने कहा कि इसको लेकर प्रदेश सरकार गंभीरता से विचार कर रही है ताकि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। फिलहाल इंदौर शहर में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए सभी आवश्यक कदम प्रभारी मंत्री और सरकार द्वारा उठाए जा रहे है।