इंदौर में नेपाली पीएम का पुतला दहन, बयान पर माफ़ी की मांग

इंदौर| आकाश धोलपुरे| नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली द्वारा भगवान राम को लेकर किये गए दावे पर अब भारत में विरोध तेज हो चला है। दरअसल, नेपाली पीएम की भृष्ट हो चुकी बुद्धि भगवान राम का गलत जन्मस्थान बताकर उन्होंने लक्ष्मण रेखा लांघ दी है। जिसके बाद माना जा रहा है कि ये सब चीन के जिनपिंग के इशारे पर हो रहा है और नेपाली पीएम ने राम के नाम पर ओछी राजनिति शुरू कर भारत मे विरोध के स्वर मुखर कर दिए है। इसी का परिणाम है कि एक दिन पहले विरोध का बिगुल बजा चुके महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने बुधवार को गोमटगिरी आश्रम इंदौर में कोविड नियमो का पालन कर संत समाज के साथ नेपाल के पीएम के.पी. शर्मा ओली के पुतले को जूते चप्पलों का हार पहनाकर पुतले पर जूते चप्पल भी मारे। नेपाली पीएम के प्रतीकात्मक पुतले का दहन भी किया और जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया गया।

बुधवार को एक बार फिर महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने नेपाल के पीएम से अपने वक्तव्य वापस लेने और माफी मांगने की मांग और चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नही किया जाता है संत समाज ढूंढ – ढूंढकर भारत मे रोजी रोटी कमाने वाले नेपाली नागरिकों को देश से निकाल देगा। वही पीएम मोदी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा निकाली गई रथ यात्रा का जिक्र कर दोनों से नेपाली पीएम ओली के खिलाफ अपने अपने बयान जारी करने की मांग भी की।

फिलहाल, भगवान राम को लेकर नेपाली पीएम के ताजा बयान पर भारत और नेपाल के संबंधों पर बुरा असर पड़ेगा और सम्भावना जताई जा रही है कि आने वाले समय मे देश की सड़कों पर नेपाली पीएम का विरोध इसी तरह जारी रह सकता है।