इंदौर में लॉकडाउन में बेवजह घूमने वालों को अपर कलेक्टर ने चखाया मजा

लॉकडाउन

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (Indore) में अंधाधुंध गति से फैल रहे कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को लेकर भले ही लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया है लेकिन पुलिस (Indore Police) और प्रशासन (Indore Administration) द्वारा सख्ती कम दिखाई देने और अत्यावश्यक कार्य के लिए दी गई छूट का गलत इस्तेमाल करने वालो की आज जमकर रीगल तिराहे पर अपर कलेक्टर पवन जैन (Additional Collector Pawan Jain) ने जमकर लू उतारी।

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दरअसल, इंदौर शहर में लगातार बढ़ रही कोरोना महामारी के चलते मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आदेश पारित किया गया है कि 19 तारीख सुबह 6 बजे तक शहर में लॉकडाउन है। बावजूद इसके कोरोना को हर कोई हल्के में ले रहा है, लॉकडाउन में खासतौर पर युवा वर्ग जो न सिर्फ दिन में बल्कि रात में दो पहिया व चार पहिया वाहनों से शहर में मूवमेंट कर रहा है। इस बात की भनक प्रशासन के बड़े अधिकारियों को लग चुकी थी लिहाजा, इंदौर कलेक्टर (Indore Collector) द्वारा जारी कोरोना कर्फ्यू  (Corona Curfew) के प्रतिबंधात्मक आदेश के बाद आखिरकार नियमो का पालन करने और घर मे रहने के लिए अपर कलेक्टर पवन जैन को सड़को पर उतरकर मोर्चा खोलना पड़ा।

अपर कलेक्टर पवन जैन ने न सिर्फ खुद ऐसे गैरजिम्मेदार लोगो को रोका बल्कि उनसे बाहर घूमने की वजह जानी और जब उन्हें लगा कि लोग बेवजह घूम रहे है तो उन्होंने मौके पर ही जमकर लताड़ लगाई। ये सबकुछ लॉकडाउन के दिन आज रविवार रात को रीगल तिराहे पर देखने को मिला। यहां लोगो द्वारा जब अपर कलेक्टर के पूछने पर झूठ बोला गया तब उन्हें सड़क पर ही उठक बैठक लगाने की सजा दी गई। इतना ही नही जो लोग बहस करते नजर आए उन्हें अपर कलेक्टर ने साफ शब्दों में कह डाला कि उन्हें 2 घण्टे के लिए अस्थायी जेल में भेज दिया जाएगा।

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इस दौरान अपर कलेक्टर शासकीय वाहन में लगे सेट के जरिये लोगो को समझाईश देते हुए नजर आए कि महामारी को कमतर आंकने वालो पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वही उन्होंने बताया कि लॉकडाउन इसलिए लगाया गया कि ताकि महामारी की रफ्तार को थामा जा सके लेकिन लोग बेवजह घूमकर कोरोना को आमंत्रण देंगे तो वो उनके व उनके परिवार के लिए बड़ा खतरा होगा।

आखिरकार, जब लोगो की भीड़ कम होने लगी तब मीडिया से बात कर उन्होने बताया कि 12 अप्रैल से 16 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू लगाया जाएगा जिसमे अनिवार्य खान – पान की आवश्यकता की पूर्ति के लिए सुबह 10 बजे तक समय दिया गया है जिसमे जिनको जरुरत हो वो बाहर निकले। यदि कोई अनावश्यक घूमता पाया गया और खासतौर पर सुबह 10 बजे बाद बेवजह घूमता नजर आया तो ऐसे व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर में लगने जा रहे कोरोना कर्फ्यू के पहले अपर कलेक्टर पवन जैन की कार्रवाई उन लोगो के लिये एक बड़ा संदेश है जो प्रशासन की चेतावनी को हल्के में ले रहे है। जिसका सीधा मतलब है कि अब सख्ती और तेज हो जाएगी जिसका असर सड़को पर आने वाले दिनों में देखा जा सकता है।