मैनेजर ने दो लोगों के साथ मिलकर बैंक को लगाया 6 करोड़ 90 लाख का चूना, EOW ने मामला दर्ज किया

Atul Saxena
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Jabalpur News : केंद्र सरकार और राज्य सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बैंक के जरिये बेरोजगारों को रोजगार स्थापित करने के लिए लोन उपलब्ध कराती है, बैंक की जिम्मेदारी होती है कि वो दस्तावेज और वस्तुस्थिति  देखकर लोन की राशि जरी करे जिससे उसके वापस होने में किसी तरह की रूकावट न आये और शासन का पैसा सुरक्षित, लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बैंक मैनेजर ने ही करोड़ों रुपये का गबन कर दिया, इस मामले में जाँच के बाद EOW ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक जबलपुर के विजयनगर स्थित यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के तत्कालीन मैनेजर कमल मिश्रा ने एक दलाल और एक अन्य के साथ मिलकर र्बैंक में 6 करोड़ 90 लाख रुपये का गबन कर दिया, ये गबन प्रधानमंत्री रोजगार निर्माण कार्यक्रम (PMEGP) योजना के तहत दी गई लोन राशि के रूप में किया गया।

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गबन की शिकायत किसने की?  

गबन की शिकायत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया नेपियर टाउन शाखा कार्यालय के उप क्षेत्रीय प्रमुख अमित श्रीवास्तव ने 1 अगस्त को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में की थी, शिकायत के बाद जब ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

जब मौके पर EOW की टीम गई तो क्या मिला?

EOW के मुताबिक यूनियन बैंक के तत्कालीन मैनेजर कमल मिश्रा ने रेखा ट्रेडिंग कंपनी की प्रोप्राइटर रेखा नायक को PMEGP योजना के तहत 10 लाख 45 हजार रुपये का लोन स्वीकृत किया और 13 लाख 30 हजार रुपये का कैश क्रेडिट स्वीकृत किया।  रेखा ने मंडला के ग्राम डोभी में आटा मिल खोलने के नाम पर लोन लिया था लेकिन जब ईओडब्ल्यू की टीम आटा मिल के पते पर पहुंची तो उसे वहां कुछ नहीं मिला।

जाँच में EOW को क्या मिला?

ईओडब्ल्यू ने जब जाँच आगे बढ़ाई तो मालूम चला कि बैंक मैनेजर ने जिस जगह आटा मिल लगाने के लिए लोन स्वीकृत किया वो विजय नगर शाखा के अधिकार क्षेत्र में बाहर है, जब जाँच और आगे बढ़ी तो मालूम चला कि मैनेजर मिश्रा ने दलाल सुरेश मितानी के माध्यम से कई लोगों के आधार कार्ड, पेन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर इस योजना में 25 25 लाख रुपये के लोन स्वीकृत किये हैं और 10-10 लाख रुपये के मुद्रा लोन स्वीकृत किये हैं।

कुल कितने का चूना लगाया मैनेजर ने ?

जब सभी मामलों की जाँच की गई तो पूरा मामला 6 करोड़ 90 लाख की गबन का निकला।  इसके आधार पर ईओडब्ल्यू ने यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया के तत्कालीन मैनेजर कमल मिश्रा, रेखा ट्रेडिंग कंपनी की प्रोप्राइटर रेखा नायक और दलाल सुरेश मतानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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