जिला प्रशासन का शिकंजा, सूदखोरों और फर्जी चिटफंड कंपनियों पर लगेगी लगाम

संदीप कुमार/जबलपुर। लोगों को भू माफियाओं से निजात दिलाने के बाद अब जबलपुर जिला प्रशासन लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले सूदखोरों और चिटफंड कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहा है। अपनी इस नई कवायद के चलते जबलपुर जिला प्रशासन जहां चिटफंड कंपनियों पर लगाम लगाने उनकी संपत्तियों को जप्त करेगा, वहीं लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले सूदखोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर सूदखोरी की कमर तोड़ने का काम भी करेगा।

दरअसल जबलपुर जिले में चिटफंड कंपनियों और सूदखोरों ने अपना जाल फैला रखा है, जिसमें फंस कर लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे थे। इनकी शिकायतें कई बार लोगों ने पुलिस थानों में की, बावजूद इसके जब चिटफंड कंपनियों और सूदखोरों का आतंक कम नहीं हुआ तो लोगों ने इसकी शिकायत सीएम कमलनाथ से लेकर उनके सिपहसालारों से तक से की। जिसके बाद राज्य सरकार ने चिटफंड कंपनियों और सूदखोरों पर शिकंजा कसने के निर्देश जबलपुर जिला प्रशासन को दिए है। राज्य शासन से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने चिटफंड कंपनियों और सूदखोरों के बारे में जानकारियां जुटाना शुरू कर दिया है। जबलपुर कलेक्टर भरत यादव की मानें तो लोगों से शिकायतें मिली है जिस पर राज्य सरकार से निर्देश मिले है कि चिटफंड कंपनियों की संपत्तियों को सीज कर उनके निवेश करने वाले लोगों उन संपत्तियों को बेचकर पैसे वापस दिलाए जाए और इस तरह सूदखोरों पर कार्रवाई कर लोगों को उनके जाल से मुक्त कराया जाए।