लॉकडाउन में भाजयुमो पूर्व जिलाध्यक्ष बिकवा रहे थे अवैध शराब, पुलिस की दबिश से हड़कंप

पुलिस ने मौके से 80 पेटी अवैध शराब कीमत 480000 रुपए और 751250 रुपए नगद व एक जीप जब्त की है।

अवैध शराब

मुरैना, नीतेन्द्र शर्मा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena) में कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) के दौरान  नवागत एसडीओपी मनीष यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। मुरैना पुलिस ने  4.80 लाख की 80 पेटी अवैध शराब और 7.51 लाख रुपए जब्त किए है।आरोप है कि भाजयुमो(BJYM) के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जादौन, उनके भाई श्याम व शराब ठेकेदार राहुल सहित 7 लोग मिलकर लॉकडाउन में अवैध शराब बिकवा रहे थे। इस मामले में मुरैना पुलिस ने भाजयुमों के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित 7 के खिलाफ मामला दर्ज किया है, वही 3 को मौके से गिरफ्तार किया है।

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दरअसल, एक तरफ मुरैना में कोरोना के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे है और 15 मई तक प्रदेशभर में सख्ती की गई है, वही दूसरी तरफ सत्ता पक्ष में रहकर भाजपा नेता और शराब ठेकेदार मिलकर आपदा को अवसर बना रहे है और लॉकडाउन (Lockdown) में कार्यालय से अवैध शराब बेच रहे है। हैरानी की बात तो ये है कि यह शराब मुरैना के सबलगढ तहसील मुख्यालय पर बीच शहर में कार्यालय से बिक रही थी।जैसे ही नवागत मुरैना एसडीओपी (Morena SDOP) को इसकी खबर लगी तो वे वहां पहुंच गए और दबिश दी।

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पुलिस ने मौके से 80 पेटी अवैध शराब कीमत 480000 रुपए और 751250 रुपए नगद व एक जीप जब्त की है।साथ ही मुनीम और 2 सप्लाई करने वाले युवकों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भाजयुमों के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित सात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।हैरानी की बात तो ये है कि एसडीओपी कार्यालय के पास बड़ी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण था और यहां से रात दिन परिवहन भी हो रहा था।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर शासकीय शराब ठेकेदार के कार्यालय पर राजस्थान की शराब कैसे पहुंची और इसमें कितने लोग और लिप्त है।