Morena News : रात में साइकिल से अचानक थाने पहुंचे नवागत एसपी, बोले- जनता का जीतें भरोसा

मुरैना जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार अचानक रात में साइकिल पर सिटी कोतवाली थाने पहुंचे। एसपी ने थाने का औचक निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।

मुरैना, संजय दीक्षित। नवागत पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार (Morena SP Lalit Shakyawar) ने साइकिल से बाजार का भ्रमण करते हुए सिटी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद एसपी ने कर्मचारियों से कहा कि जनता के बीच में जाकर उन पर भरोसा जताएं। जिससे उनको ये लगे कि पुलिस हमारे साथ हर समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई हैं।

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नवागत एसपी ललित शाक्यवार ने कहा कि किसी भी मामले में कोई भी निर्दोष व्यक्ति को न फसाया जाए। जो भी व्यक्ति अगर गुनेहगार है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जनता के बीच में जाकर मधुर संबंध बनाए एवं अपराधियों में खौफ पैदा करें। जिससे अपराधी अपराध करने से पहले कई बार सोचे कि वारदात के बाद क्या अंजाम होगा।

हरा-भरा हो थाना परिसर

एसपी ललित शाक्यवार ने टीआई के साथ कोतवाली के पीछे बने क्वार्टरों का निरीक्षण करते हुए वहां रखे कंडम वाहनों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी कंडम वाहन या जब्ती के वाहन रखे हुए है उनको एक जगह व्यवस्थित करके रखा जाए एवं कोतवाली परिसर में वृक्षारोपण किया जाए। जिससे सभी जगह पर हरा भरा लगने लगे।

आरक्षकों को दी जाए साइकिल

एसपी ने टीआई से कहा कि कोतवाली में कुछ आरक्षकों को साइकिल दी जाए, जिससे जनता के बीच में जाकर उनसे सीधा संवाद करें और जो भी परेशानी हो उसका निराकरण करें। अगर कहीं भी कोई परेशानी आती है तो मुझसे संपर्क करें। बाजार में बीट प्रभारियों और कर्मचारी को मोटरसाइकिल की जगह साइकिल से भ्रमण करना चाहिए। जिससे हुमिनिटी बढ़ती हैं। एसपी ने निर्देश दिए कि जो लोग रास्ते में बिना मास्क के घूम रहे हैं, उनको मास्क पहनने की सलाह दी जाए।

जनता के बीच जाकर पुलिसिंग : एसपी

एसपी ने कहा मैं भी जनता के बीच में जाकर काम करना चाहता हूं ऑफिस में बैठकर कोई काम नहीं हो सकता है। जनता के बीच में जाकर लोगों की परेशानियां सुनना ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने टीआई कोतवाली से कहा कि पत्रकारों और वरिष्ठ लोगों को कोतवाली में बुलाकर उनसे संवाद करें, जो भी नेगेटिव प्वाइंट आते हैं उन पर विचार विमर्श कर उनका निराकरण किया जाए। अगर कहीं से किसी भी कर्मचारी अधिकारी के खिलाफ कोई भी शिकायत आती है तो उसको मैं बख्सूंगा नहीं। जनता के बीच में जाकर लोगों की परेशानियों को सुनकर उनका निराकरण किया जाए। ऑफिस में बैठकर अधिकारी पुलसिंग करने की बजाय जनता के बीच में पुलसिंग करें, यही मेरा उद्देश्य हैं।