Neemuch News: पुलिस ने यातायात नियमों को लेकर लोगों को दी समझाइश, चेकिंग के दौरान की चालानी कार्रवाई

पुलिस ने नाबालिग लोगों के परिवारजनों से फोन पर चर्चा कर उन्हें इस संबंध में जानकारी देकर अवगत भी कराया गया। इसके अलावा उनसे अपील की गई कि माता-पिता अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें।

Neemuch

Neemuch News:मध्य प्रदेश के नीमच पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। इस दौरान यातायात थाना प्रभारी ने शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहा सदगुरू बेकरी के सामने राजस्व कॉलोनी और बस स्टैंड पर लोगों को यातायात नियमों की समझाइश के साथ-साथ चालानी कार्रवाई की।

पुलिस ने लोगों को दी समझाइश

यातायात थाना प्रभारी उर्मिला चौहान, सूबेदार सोनू बड़गुर्जर और सूबेदार धर्मेन्द्र सिंह गौर द्वारा यातायात टीम विशेष अभियान के अंतर्गत शहर में दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठकर वाहन चलाते वाहन चालकों, बिना सीट बेल्ट वाहन चालकों और नाबालिक बच्चों द्वारा दोपहिया या फिर चार पहिया वाहन चलाते पाये जाने पर उन्हें रोककर यातायात नियमों की समझाइश दी गई। साथ ही उनके परिवारजनों से फोन पर चर्चा कर उन्हें इस संबंध में जानकारी देकर अवगत भी कराया गया। इसके अलावा उनसे अपील की गई कि माता-पिता अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें। पुलिस ने उन्हें यातायात के नियमों का पालन करने व हेलमेट पहन कर वाहन चलाने हेतु अपील की।

कुल इतनी धनराशि की हुई वसूली

यातायात टीम द्वारा वाहन चैकिंग के दौरान बिना हेलमेट वाहन चालकों के खिलाफ 15 चालान बनाकर समन राशि 4500 रूपये, बिना सीट बेल्ट वाहन चालकों के खिलाफ 12 चालान बनाकर समन राशि 6000 रूपये अन्य वाहन चालको के खिलाफ 5 चालान बनाकर समन राशि 2500 रूपये वसूल की गई। इस प्रकार यातायात पुलिस नीमच द्वारा कुल 32 चालान बनाकर 13,000 रूपये की धनराशि वसूल की गई।

नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है–खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालोमैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।