नीमच कृषि उपज मंडी में पोस्तादाने का कट्टा हुआ चोरी, जांच में जुटा मंडी प्रशासन

Amit Sengar
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Neemuch News : कृषि उपज मंडी नीमच में पोस्ता मंडी में आज एक किसान का पोस्तादाने का कट्टा गायब हो गया। जिसके बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। मंडी ऑफिस के सीसीटीवी कैमरों से फुटेज में भी देखा गया लेकिन कट्टा दिखाई नहीं दिया। वहीं पोस्ता मंडी में किसानों से हम्मालों द्वारा अवैध वसूली को लेकर भी मंडी इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की और हम्मालों को फटकार भी लगाई है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, पोस्ता मंडी में शनिवार को पालसोडा निवासी किसान राकेश पिता मांगीलाल तेली पोस्तादाना लेकर नीमच कृषि उपज मंडी आया था। नीलामी के दौरान किसान राकेश का पोस्तादाना माहेश्वरी ट्रेडर्स ने 88 हजार की बोली लगाकर ख़रीदा। इसके कुछ ही देर बाद राकेश अन्य किसानों से बातचीत करने लगा तो किसी बदमाश ने उसके पोस्तदाने के कट्टे पर हाथ साफ़ कर दिया। जब राकेश को इस वारदात की खबर लगी तो उसने आसपास तलाश की लेकिन उसे गायब पोस्तदाने का कट्टा कहीं नहीं मिला। इसके बाद किसान राकेश ने इसकी सूचना मंडी प्रशासन को दी। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मंडी कार्यालय में देखे तो कहीं भी पोस्ता का गायब कट्टा नहीं दिखाई दिया। फ़िलहाल किसान राकेश की शिकायत पर मंडी प्रशासन ने जांच शुरू कर दी हैं।

मंडी इंस्पेक्टर ने अवैध वसूली करने वाले हम्मालों को लगाई फटकार

वहीं पोस्ता मंडी में हम्मालों की अवैध वसूली की खबरें भी लगातार आ रही थी। आज पोस्ता मंडी में कुकड़ेश्वर का किसान शम्भुसिंह मालवीय 23 किलो पोस्ता लेकर आया था। जिसके हम्मालों ने अवैध रूप से 60 रूपए ले लिए जिसका किसान ने विरोध किया और मंडी इंस्पेक्टर को अवगत करवाया। मंडी इंस्पेक्टर समीर दास मौके पर पहुंचे और हम्मालों को फटकार लगाई। साथ ही अवैध वसूली करने वाले हम्मालों को 15 दिन के लिए पोस्ता मंडी से बाहर कर दिया।

नीमच कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ हैं। आए दिन चोरी की घटनाए सामने आ रही हैं। मंडी में इतने सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद भी चोरियों की वारदात रुक नहीं रही हैं। किसानों का कहना हैं कि सुरक्षा गार्ड ढेरों के आसपास कम और होटलों पर चाय की चुस्कियां लेते हुए ज्यादा दिखाई देते हैं। मंडी प्रशसन को ऐसे सुरक्षा गार्डों पर एक्शन लेना चाहिए।
नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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