राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। जिले में अपहरण की एक वारदात के बाद पुलिस परेशान हो उठी। सूचना पर राजगढ़ एसपी, एएसपी के साथ ही सारँगपुर पुलिस अमला इस गुत्थी को सुलझाने में लग गया था। लेकिन जब मामला खुला तो लोगों के साथ पुलिस भी हैरान हो गई । यहां पर अपहृत ने कर्ज के रुपये चुकाने से बचने के लिए खुद ही अपने अपहरण करने की साजिश रची थी। पुलिस ने इस घटना में अपने ही अपहरण की झूठी कहानी बनाने वाले युवक फैजान कुरेशी को गिरफ्तार कर लिया हैं।

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सारँगपुर में हाट बाजार से पशु खरीदकर बीफ फैक्ट्री पर बेचने वाले फैजान कुरेशी पर कर्ज चढ़ गया तो उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल की तो फर्जी अपहरण का मामला निकला, जिसपर अपहरण का मामला खारिज कर झूठी शिकायत का मामला दर्ज किया गया है।

फिल्मी स्टाइल में युवक ने रची अपने अपहरण की झूठी कहानी, कर्ज से परेशान होकर उठाया कदम

सारँगपुर थाना प्रभारी ने बताया कि कसाईबाड़ा में रहने वाला फैजान कुरेशी पशु व्यवसाय करता है। व्यवसाय में नुकसान होने पर उस पर कर्ज चढ़ गया तो उसने अपनी मोटरसाइकिल रास्ते पर पटककर घर वालों को एक एम्बुलेंस द्वारा अपहरण की साजिश की कहानी सुना दी। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर सारँगपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर, राजगढ़ जिले में नाकाबंदी करवाई गई साथ ही सभी वाट्सअप ग्रुप में अपह्रत का फोटो भी प्रसारित करवाया गया। इसी के साथ सारँगपुर से गुना तरफ जाने वाले सभी टोल नाकों को सूचना देकर नाकाबंदी की कार्रवाई की गई। राजगढ़ एसपी के निर्देश पर पुलिस की चार टीम बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में अपह्रत की तलाश के लिए रवाना किया गया। इसी बीच अपह्रत के खाते की जानकारी एचडीएफसी बैंक से प्राप्त की गई तो उसका बैंक बेलेंस जीरो होना पाया गया, जबकि अपह्रत के द्वारा बैंक से कोई पैसा नही निकाला गया था।

पुलिस ने फैजान की मोबाइल लोकेशन की जानकारी ली तो वो गुना की दिखी। इसके बाद गुना पुलिस के सहयोग से अपह्रत को 24 घंटे में दस्तयाब कर लिया और टीम उसे साथ लेकर थाना सारँगपुर आई। फैजान से पूछताछ की गई तो उसने लगातार एक के बाद एक कई खुलासे किए। उसने बताया कि “मैंने दिनांक 05.07.21 को एचडीएफसी बैंक शाजापुर से 3 लाख रुपये निकाले थे और शाजापुर से सारँगपुर आते समय एम्बुलेंस वाले मुझे पकड़कर ले गये।” बैंक से पैसे निकालने वाली बात को लेकर पुलिस को उस पर शंका हुई क्योकि पुलिस पूर्व से ही उसके खाते की जानकारी ले चुकी थी। घटना वाले दिन को उसके द्वारा खाते से कोई पैसा नही निकाला गया था। पुलिस उससे लगातार सवाल करती रही और वह ज्यादा देर तक पुलिस को धोखे में नही रख सका। उसने अपने अपहरण की बनाई गई झूठी कहानी को सिलसिलेवार बताना शुरु किया। फैसान ने बताया कि वह भैंसों का व्यापारी है और हाट बाजार से बिना दूध देने वाली एवं बिना उपयोग वाली भैंसें खरीदता है एवं ओरंगाबाद में बीफ अलाना फैक्ट्री पर ले जाकर बेचता है। इस कारोबार में उसको करीब 4 लाख का घाटा आ गया था और हाट बाजार से जिन लोगों से माल खरीदा था वो लोग लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। यह उनको पैसा नही दे पा रहा था इस वजह से उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई जिससे कर्ज का पैसा मांगने वाले लोगो को पैसा न देना पड़े। वही इस मामले के खुलासे के बाद सारँगपुर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रकरण में पूर्व में की गई रिपोर्ट में खारीज किया गया है और फैजान के विरुध्द झूठी कहानी गढ़ने के लिये वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।