MP में अब पालतू जानवर पालना हुआ महंगा, कराना होगा पंजीकरण, नहीं तो लगेगी पेनल्टी

Sanjucta Pandit
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MP News : मध्य प्रदेश में बिल्ली और कुत्तों को पालने के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। इन नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने घर में कुत्ता या बिल्ली पालता है, तो उन्हें उनके पालतू जानवरों के लिए पंजीकरण कराना होगा। नियमों के अनुसार, बिल्ली या कुत्तों को पालने वाले व्यक्ति को उनकी पहचान टैग या मेडिकल इनफार्मेशन टैग लगाने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, पालतू जानवरों के लिए अलग-अलग जानवरों के लिए वैक्सीनेशन कराने की भी आवश्यकता हो सकती है।

यहां करें संपर्क

यह नया नियम मध्यप्रदेश नगरपालिका (रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण) नियम 2023 के तहत लागू हुआ है। अब मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और इसके लिए वे नगर निगम और नगर पालिका, परिषद से संपर्क कर सकते हैं।

लग सकता है जुर्माना 

दरअसल, यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा रहे। इससे नगर में घूमने वाले जानवरों  से परेशान लोगों को भी राहत मिलेगा। इसके अलावा, इस नए नियम का उद्देश्य यह भी है कि प्रत्येक पालतू जानवर का स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध हो, जिससे उनका स्वास्थ्य और व्यवहार अच्छी तरह से निगरानी किया जा सके। इस नियम का अनुपालन न करने पर, जुर्माना लगाया जा सकता है जो 100 रुपए से अधिक हो सकता है।इस नियम के तहत, सभी शहरी क्षेत्रों में कुत्तों और बिल्लियों के रजिस्ट्रेशन के लिए एक ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है।

रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक

  1. पालतू जानवर की पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें। इसमें उनकी फोटो, जाति, उम्र और अन्य विवरण शामिल होंगे।
  2. इसके बाद, आपको अपने स्थानीय नगर पालिका कार्यालय या नगर निगम में जाकर पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। फॉर्म में आपको अपने जानवरों की जानकारी जैसे उम्र, रंग, जाति और स्वास्थ्य से संबंधित विवरण भरने होंगे।
  3. फॉर्म भरने के बाद, आपको अपने जानवरों की पहचान टैग लगाने की आवश्यकता होगी। यह टैग उनकी पहचान बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
  4. अंत में, आपको अपने जानवरों के लिए अलग-अलग वैक्सीनेशन भी करवाना हो सकता है।
  5. रजिस्ट्रेशन के दौरान पशु का पहचान चिन्ह भी जारी किया जाएगा, जिससे खो जाने या गुम हो जाने की संभावना से बचा जा सकेगा।
  6. इससे पशुओं की संख्या और स्थानों का तत्काल पता चलेगा जिससे वे उचित संचालन एवं संरक्षण के लिए उपलब्ध होंगे।

नियम का मुख्य उद्देश्य

इस नए नियम के अनुसार, जो भी व्यक्ति शहरी क्षेत्रों में पशु पालते हैं, उन्हें अपने और उनके पिता के नाम, पता, पशुओं की संख्या, प्रकार, उनके पानी, प्रकाश और मल निष्कासन की व्यवस्था जानकारी प्रदान करनी होगी। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक पालतू जानवर का स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध हो जिससे उनका स्वास्थ्य और व्यवहार अच्छी तरह से निगरानी किया जा सके। यह जानकारी नियम के अनुपालन की स्थिति में निगरानी करने के लिए भी उपयोगी होगी।

सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी

यह नियम पालतू जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी देता है। जब एक जानवर रजिस्ट्रेशन होता है तो इससे उसकी देखभाल के लिए जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति को उसके विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सही जानकारी उपलब्ध होती है। इससे उनके स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुँचता है।

रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन फीस

इस नए नियम के अनुसार, पालतू जानवरों के रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी। यह फीस संग्रहीत धन को उन संगठनों को प्रदान करती है जो पालतू जानवरों के संरक्षण और संचालन से जुड़े होते हैं। यह फीस नगर निगम और नगर पालिका, परिषद के द्वारा ली जाएगी।


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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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