सीधी, डेस्क रिपोर्ट। सीधी जिले में एक अनोखा वाकया सामने आया है। यहां गांव तक पहुंचने वाली एक किलोमीटर लंबी सड़क चोरी होने की शिकायत स्थानीय थाने में पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के चोरी होने से उनको आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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सीधी से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ग्राम पंचायत मेन्डोरा। ग्राम पंचायत द्वारा 2017 में यहां पर मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए मुरम की सड़क बनाई गई। उसके कुछ ही महीने बाद वहां पर सीमेंट कांक्रीट रोड का निर्माण कर दिया गया। हकीकत यह थी कि न तो मुरम की सड़क बनी और ना ही सीमेंट कांक्रीट की। सब कुछ कागजों में हो गया। जब ग्रामीणों की जानकारी में यह बात आई तो वह सक्रिय हुए और अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करने का एक आवेदन स्थानीय थाने में दे दिया। उनका कहना है कि जब कागजों में सड़क बनी तो फिर गई कहां और उसे कौन से चोर ले गए!

गांव के उप सरपंच रमेश कुमार यादव ने थाने में आवेदन देकर संबंधित सरपंच और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन में लिखा गया है कि रात तक जब सड़क मौजूद थी तो सुबह होते ही गायब कैसे हो गई! सीधे-सीधे तौर पर यह भ्रष्टाचार का मामला है। इस पूरे मामले में लगभग दस लाख रूपये का भ्रष्टाचार साफ दिखाई देता है। अब गांव वाले परेशान हैं कि एक बार फिर बारिश का मौसम आ गया है और सड़क पर एक एक फीट के गड्ढे हैं। ऐसे में उनको आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी के नेता भी गांव वालों के साथ हैं और उनका साफ कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ मामला है और इसकी व्यापक स्तर पर जांच की जरूरत है क्योंकि सड़क कागजों पर बनी है लेकिन वास्तव में नहीं बनी। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचारी अधिकारियों के दुस्साहस का प्रतीक है। वहीं जनपद पंचायत के सीईओ एम एल प्रजापति का कहना है कि वास्तव में हैरान कर देने वाली बात है। हालांकि इसमें चोरी जैसी कोई बात नहीं लेकिन वह पूरे प्रकरण की जांच जरूर कराने की बात कह रहे हैं।