इंदौर की IT कंपनियों के रवैए से नाखुश सीएम शिवराज, कहा- “टीसीएस और इंफोसिस ने जमीन तो खूब ले ली, पर रोजगार बहुत कम दिया”

मुख्यमंत्री ने कोरोना को देखते हुए आनलाइन शिक्षा को लेकर भी इंदौर से कोई माडल बनाने की अपील की।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश के इंदौर शहर में धन्यवाद इंदौर कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कोरोना महामारी के दौरान कई लोगों का रोजगार चले जाने से टीसीएस और इंफोसिस जैसी नामी IT कंपनियों के रवैए पर नाखुशी जताई है। शनिवार को शहर में धन्यवाद इंदौर कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि टीसीएस (Tata Consultancy Services) और इंफोसिस ने जमीन तो खूब ले ली, लेकिन रोजगार बहुत कम दिया है। केवल चार-पांच हजार युवाओं को ही रोजगार मिला है। इंदौर अलग-अलग तरह के रोजगार देने वाला शहर है, इसलिए मेरी अपील है कि रोजगार देने के मामले में भी इंदौर कोई माडल पेश कर सकता है।

शासन द्वारा इंदौर में 230 एकड़ जमीन टीसीएस और इंफोसिस के नाम

टीसीएस और इंफोसिस को राज्य शासन ने इंदौर में सुपर कारिडोर पर 230 एकड़ जमीन दी है। इसमें टीसीएस को 100 और इंफोसिस को करीब 130 एकड़ जमीन दी गई है। जब दोनों कंपनियों को यह जमीन उपलब्ध कराई गई थी, तब तय हुआ था कि दोनों कंपनियां प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देंगी। पर दोनों कंपनियों की यहां शुरुआत के करीब पांच साल बाद भी शहर या प्रदेश के युवाओं को उस अनुपात में रोजगार नहीं मिला है।

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सीएम की अपील

मुख्यमंत्री ने कोरोना को देखते हुए आनलाइन शिक्षा को लेकर भी इंदौर से कोई माडल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण स्कूल खुल नहीं रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, इसलिए कुंठित हो रहे हैं। स्कूल नहीं खुल रहे हैं, फिर भी फीस बराबर ले रहे हैं। पता चला है कि कुछ स्कूलों ने फीस भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों की ट्यूशन फीस कतई नहीं बढ़ेगी, इसे कंट्रोल करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि योजना में इंदौर ने अच्छा काम किया है। इसे आगे भी जारी रखना होगा, ताकि लोग साहूकारों के चंगुल से बचे रहें और खुद का रोजगार कर सकें।

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